राष्ट्रीय

आईएमटी जमीन मामले में एमपी के मुख्यमंत्री कमलनाथ की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

20/05/2019

फरमान
-चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने भी गठित की जांच कमेटी

गाजियाबाद, 20 मई (हि.स.)। राजनगर स्थित इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी (आईएमटी) के लिए गैर कानूनी ढंग से कब्जाई गयी जीडीए की एक अरब से अधिक कीमत की भूमि के मामले में उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने राज्य के मुख्यमंत्री को सीएजी व सीबीआई जांच कराने के लिए पत्र लिखा है।
इस इंस्टिट्यूट का संचालन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ व उनके परिजन कर रहे हैं। जांच में मामला सही निकलने पर कमलनाथ की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
सोमवार को यहां आरडीसी में एक संवाददाता सम्मेलन में भाजपा के वरिष्ठ पार्षद राजेंद्र त्यागी ने राज्यपाल द्वारा मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र की छाया प्रति पत्रकारों को वितरित की।
भाजपा के वरिष्ठ पार्षद राजेंद्र त्यागी ने 24 मार्च को इस इंस्टिट्यूट को जमीन आवंटित करने में बरती गयी अनियमितताओं व फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए प्रदेश के राज्यपाल व मुख्यमंत्री को पत्र लिखे थे। पत्र में आरोप लगाए गए थे कि जिस जमीन पर आईएमटी की इमारत खड़ी है, वह जमीन वास्तव में लाजपत राय स्मारक महाविद्यालय के लिए जीडीए ने आवंटित की थी, लेकिन आईएमटी के संचालकों ने डिग्री कॉलेज बनाने के बजाए इस पर प्रबंधन की शिक्षा देने का विशालकाय इंस्टिट्यूट खोल दिया।
इंस्टिट्यूट के जमीन का कवर्ड एरिया 54 हजार वर्ग मीटर है जिसका मूल्य एक अरब रुपये से ज्यादा है। उन्होंने यह आरोप भी लगाया है कि इंस्टिट्यूट ने 10 हजार वर्ग मीटर से ज्यादा की जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है।
उधर, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ ने भी मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। यह कमेटी आईएमटी द्वारा बरती गयी अनियमितताओं की जांच करके उसकी रिपोर्ट राज्य पाल को सौंपेगी।
हिन्दुस्थान समाचार