प्रजेश शंकर

नई दिल्‍ली, 26 मार्च (हि.स.)। द् इंस्‍टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (आईसीएआई) का  सस्टेनेबिलिटी रिपोर्टिंग स्टैंडर्ड बोर्ड सेबी के साथ मिलकर एक व्‍यापक भूमिका निभाने की तैयारी में है। ये बात आईसीएआई के नवर्निवाचित अध्यक्ष निहार एन जंबूसरिया ने शुक्रवार को यहां आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कही। 

उन्‍होंने कहा कि दरअसल सेबी ने वित्‍त वर्ष 2022-23 से शेयर बाजार में सूचीबद्ध 1 हजार कंपनियों के लिए कारोबार की जिम्‍मेदारी और स्थिरता रिपोर्ट तैयार करना अनिवार्य बना दिया है। कार्यक्रम के दौरान जंबूसरिया ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, गरीबी, लैंगिक असमानता जैसे क्षेत्रों पर समूचित जागरूकता फैलाने की जरूरत है। 

जंबूसरिया ने कहा कि संस्‍थान ने पिछले साल सस्टेनेबिलिटी रिपोर्टिंग स्टैंडर्ड बोर्ड बनाया है, जो लोगों के बीच जागरूकता फैलाने के क्षेत्र में काम कर रहा है। उन्‍होंने कहा कि वैश्विक महामारी (कोवि‍ड-19) के दौरान वर्चुल क्‍लासेज के माध्‍यम से संस्‍थान ने चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के छात्रों की पढ़ाई सुनि‍श्चित करने का हरसंभव प्रयास किया है। 

उन्‍होंने कहा कि आने वाले समय में नई जरूरतों और मांग को देखते हुए सीए के कोर्स में और कई सारे बदलाव किए जा रहे हैं। आईसीएआई अध्‍यक्ष ने कहा कि बाजार की जोखिम और अवसरों की पहचान करने और उसका मूल्‍यांकन करने में सक्षम बनाने से संबंधित पाठ्यक्रम भी तैयार किए जा रहे हैं ताकि पर्यावरण, सामाजिक और शासन से संबंधित जानकारी के प्रकटीकरण के माध्यम को और पारदर्शी बनाया जा सके। 

उल्‍लेखनीय है कि वर्ष 2021-22 के लिए सीए निहार एन जंबूसरिया को आईसीएआई का अध्यक्ष और सीए देबाशीष मित्रा को उपाध्यक्ष चुना गया है। संस्थान के पदाधिकारियों का चुनाव 12 फरवरी को हुआ था।
जंबूसरिया ने 1984 में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में अपनी करियर की शुरुआत की थी। वे अब सभी स्थायी समितियों के अध्यक्ष हैं, जिनमें कार्यकारी, वित्त और परीक्षा समितियां शामिल हैं। इसके अलावा सभी गैर-स्थायी समितियों के वे पदेन सदस्य हैं। जंबूसरिया संस्थान के पंजीकृत वैल्यूएर्स ऑर्गेनाइजेशन के निदेशक भी हैं। 

हिन्‍दुस्‍थान समाचार

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