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ओडिशा रसगुल्ले को जीआई टैग

12/08/2019

ओडिशा रसगुल्ले को जीआई टैग

 युगवार्ता डेस्क

ओडिशा ने आखिरकार लंबी जद्दोजहद और इंतजार के बाद अपने रसगुल्ले के लिए भौगोलिक संकेत यानी जीआई टैग हासिल कर ही लिया। अदा यह ओडिशा रसगुल्ला के नाम से जाना जाएगा। भौगोलिक संकेत रजिस्ट्रार चेन्नई ने वस्तु भौगोलिक संकेत (पंजीकरण एवं संरक्षण), कानून 1999 के अंतर्गत ओडिशा रसगुल्ला को प्रमाणपत्र जारी किया। यह प्रमाणपत्र 22 फरवरी 2028 तक वैध रहेगा। इसके लिए ओडिशा लघु उद्योग निगम लिमिटेड ने रसगुल्ला कारोबारियों के समूह उत्कल मिष्ठान व्यवसायी समिति के साथ मिलकर लंबी लड़ाई लड़ी और तर्क दिया कि ओडिशा में रसगुल्ला भगवान जगन्नाथ की पूजा परंपरा का हिस्सा रहा है। इसका उल्लेख 15वीं सदी के उड़िया काव्य दांडी रामायण में भी है। गौरतलब है कि जीआई टैग किसी वस्तु के किसी खास क्षेत्र या इलाके की खास विशेषता के लिए मिलता है। इस जीआई टैग के लिए पहले भी ओडिशा और पश्चिम बंगाल के बीच रसगुल्ले पर दिलचस्प जंग हुई थी। हालांकि बंगाली रस्गुल्ले को 2017 में ही जीआई टैग मिल गया था। … गौरवी


 
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