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टेस्ट क्रिकेट की वर्ल्ड चैम्पियनशिप

12/08/2019

टेस्ट क्रिकेट की वर्ल्ड चैम्पियनशिप

 ओम प्रकाश

इंग्लैंड और आॅस्ट्रेलिया के बीच खेली जी रही एशेज सीरीज के साथ ही आईसीसी के नए कार्यक्रम वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप का आगाज हो चुका है। आईसीसी ने टेस्ट क्रिकेट की लोकप्रियता बढ़ाने के मकसद से वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की शुरुआत की है।

टेस्ट क्रिकेट ही इस खेल की जान है। बीते कुछ वर्षों से वनडे और टी20 क्रिकेट के अधिक प्रचलन से टेस्ट क्रिकेट भी खासा प्रभावित हुआ। क्रिकेट के इन छोटे प्रारूपों ने घुन की भूमिका निभाई और धीरे-धीरे टेस्ट क्रिकेट को कमजोर किया। वनडे और टी20 मैचों की अधिकता के चलते कई बार ऐसा महसूस किया गया कि अब टेस्ट क्रिकेट का अस्तित्व खतरे में है। समय अधिक जाया न हो और टेस्ट क्रिकेट के प्रति क्रिकेट फैन्स का लगाव बना रहे इसके लिए चार दिन के टेस्ट मैच खेलने पर भी चर्चा हुई लेकिन उसे कभी अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका।
इतना ही नहीं टेस्ट क्रिकेट को अधिक रोमांचक बनाने के लिए कई डे/नाइट टेस्ट मैच भी खेले गए जो आज भी जारी हैं। लेकिन ये सभी उपाय टेस्ट क्रिकेट को बचाने के लिए कारगर नहीं हुए। टेस्ट क्रिकेट के प्रति कम होते रुझान को भांपते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के आगे सबसे बड़ी चुनौती थी कि इस प्रारूप को कैसे बचाया जाए। अगर टेस्ट क्रिकेट खत्म हो गया तो फिर इस खेल में बचेगा क्या? इसलिए आईसीसी ने काफी माथापच्ची करने के बाद टेस्ट क्रिकेट को अधिक रोमांचक बनाने के लिए वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप कराने पर जोर दिया। इसके लिए आईसीसी ने बाकायदा वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप का उद्घाटन भी किया।


आईसीसी ने टेस्ट चैम्पियनशिप के लिए कुछ नियम भी बनाए हैं। इस चैम्पियनशिप में टेस्ट मैच खेलने वाली सभी टीमें भाग नहीं ले पाएंगी। आईसीसी के मुताबिक 31 मार्च 2018 तक जिन टीमों की रैंक 9वें स्थान तक रही है, वही टीमें वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप में शरीक होंगी। इसका मतलब ये हुआ अफगानिस्तान, आयरलैंड और जिम्बाब्वे वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप का हिस्सा नहीं होंगे। आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप दो वर्ष तक खेली जाएगी। इस दौरान, आॅस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, भारत, इंग्लैंड, पाकिस्तान, वेस्टइंडीज, श्रीलंका, साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड की टीमें वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप खेलते नजर आएंगी। इन दो वर्षो में सभी 9 टीमों के बीच 27 सीरीज और 71 टेस्ट मैच खेले जाएंगे। इस दरम्यान प्रत्येक टीम को तीन टेस्ट सीरीज अपने घर में और तीन टेस्ट सीरीज विदेश में खेलनी पड़ेगी। इस प्रकार प्रत्येक टीम को 6 टेस्ट सीरीज खेलना होगा।


आईसीसी ने वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप के तहत खेली जाने वाली प्रत्येक सीरीज के लिए 120 अंक निर्धारित किए हैं। दो टेस्ट मैच जीतने वाली टीम को 60 अंक दिए जाएंगे। अगर सीरीज ड्रॉ होती है तो इसके लिए 20 अंक और टाई होने पर 30 अंक दिए जाएंगे। हारने वाली टीम को कोई अंक नहीं मिलेगा। इसी तरह तीन टेस्ट मैच जीतने वाली टीम को 40 अंक मिलेंगे, टाई होने पर 30 अंक दिए जाएंगे। जबकि ड्रॉ के लिए 13 अंक निर्धारित किए गए हैं। चार टेस्ट मैचों मैच खेलने वाली विजेता टीम को 30 अंक, टाई के लिए 15 और ड्रॉ के लिए 10 प्वाइंट्स दिए जाएंगे।
जबकि पांच टेस्ट मैच जीतने वाली टीम को 24 अंक, टाई होने पर 12 और ड्रॉ रहने पर 8 अंक दिए जाने का नियम बनाया गया है। दो साल तक चलने वाली वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप का फाइनल प्वाइंट टेबल में शीर्ष पर रहने वाली दो टीमें के बीच खेला जाएगा। वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप का ये खिताबी मुकाबला लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर पर जून 2021 में होगा। अगर फाइनल मैच ड्रॉ या टाई समाप्त होता है तो बीते दो वर्षो में दोनों टीमों में से टेस्ट मैचों में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली टीम को विजेता घोषित किया जाएगा। 1 अगस्त 2019 से खेले जाने वाले सभी टेस्ट मैच वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप का हिस्सा होंगे।


इसका आगाज इंग्लैंड और आॅस्ट्रेलिया के बीच एशेज सीरीज के तहत एजबेस्टन में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच से चुका है। भारत 22 अगस्त को एंटीगुआ में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले जाने वाले टेस्ट मैच में वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप का आगाज करेगा। टेस्ट चैम्पियनशिप के दौरान इंग्लैंड सबसे ज्यादा विभिन्न टीमों के खिलाफ 22 टेस्ट मैच खेलेगा। वहीं आॅस्ट्रेलिया 19, भारत 18, साउथ अफ्रीका 16, वेस्टइंडीज 15, बांग्लादेश और न्यूजीलैंड 14-14 जबकि पाकिस्तान और श्रीलंका की टीमें वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप के दौरान 13-13 टेस्ट मैच खेलेंगी। खास बात ये है कि टीम इंडिया वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप के दौरान पाकिस्तान और श्रीलंका से एक भी टेस्ट मैच नहीं खेलेगी।


 
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