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स्वयंसेवक बंधु पाल की हत्या पर राज्यपाल ने मांगी रिपोर्ट, भाजपा ने ममता से मांगा इस्तीफा

10/10/2019

ओम प्रकाश

कोलकाता, 10 अक्टूबर (हि.स.)। मुर्शिदाबाद जिले में प्राइमरी शिक्षक बंधु प्रकाश पाल (35), उनकी गर्भवती पत्नी ब्यूटी पाल और बेटे अंगन पाल (08) की हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। बंधु प्रकाश राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(आरएसएस) के सक्रिय सदस्य थे। पड़ोसियों ने मंगलवार को उनके कमरे में इन तीनों को रक्तरंजित हालत में मृत देखा, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई थी। 48 घंटे से अधिक का समय बीतने के बाद भी किसी की गिरफ्तारी नहीं होने के कारण राज्य पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसे लेकर राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने भी कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने इस निर्मम हत्याकांड पर दुख व्यक्त किया है और घटना की प्रगति रिपोर्ट राज्य सरकार से तलब की है। इसके साथ ही भाजपा ने राज्य की मुख्यमंत्री और गृह मंत्री ममता बनर्जी से इस्तीफा मांगा है।


गुरुवार को राज्यपाल से जब इस बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस नृशंस हत्याकांड ने राज्य की बदहाल कानून व्यवस्था की पोल खोल दी है। यह घटना बेहद दुखद और हृदय विदारक है। राज्यपाल ने कहा कि जिस तरीके से एक स्कूल शिक्षक, उसकी गर्भवती पत्नी और मासूम बेटे को मौत के घाट उतारा गया, वह मेरे लिए काफी स्तब्ध करने वाला है। यह राज्य में कानून व्यवस्था की बदहाली का संकेत है। मैंने इस घटना की पूरी रिपोर्ट राज्य सरकार से तलब की है। इसके साथ ही इस वारदात में आरोपितों को जल्द गिरफ्तार करने को भी कहा है।


इस वारदात के बाद आर.एस.एस. ने राज्य पुलिस पर असहयोग और निष्क्रियता बरतने का आरोप लगाया है। संघ के दक्षिण बंग प्रांत कार्यवाहक जिष्णु बसु ने "हिन्दुस्थान समाचार" से विशेष बातचीत में कहा कि राज्य पुलिस इस मामले में किसी तरह से सहयोग नहीं कर रही है। बार-बार संपर्क करने के बावजूद इस निर्मम हत्याकांड की जांच से संबंधित प्रगति रिपोर्ट भी नहीं बताई जा रही है। ना ही इससे संबंधित कोई भी जानकारी साझा की जा रही है। इधर भाजपा ने इस घटना को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री की चुप्पी पर सवाल खड़ा किया है। पार्टी के राष्ट्रीय सचिव और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिन्हा ने कहा कि दुर्गा पूजा के समय भी जिस तरीके से संघ के स्वयंसेवक को सपरिवार मौत के घाट उतार दिया गया वह डरावना है। यह इस बात का संकेत है कि पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की परिस्थिति पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी मुख्यमंत्री होने के साथ-साथ राज्य की गृह मंत्री भी हैं। उन्हें कानून व्यवस्था की बदहाली की जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।


राहुल सिन्हा ने कहा कि बंधु प्रकाश पाल आर.एस.एस. के सक्रिय सदस्य थे और इसी कारण उन्हें मौत के घाट उतारा गया है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने इस मामले में जांच भी शुरू नहीं की है। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं होना इस बात का संकेत है कि पुलिस इस पूरी वारदात को दबाने में जुट गई है।


प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने भी ममता बनर्जी पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि दुर्गा पूजा के उत्साह में भी मुख्यमंत्री के लोग हत्या की अपनी आसुरी प्रवृत्ति नहीं छोड़ रहे हैं। प्रदेश भाजपा के प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने इसे लेकर ममता बनर्जी से सवाल पूछा है और कहा है कि आखिर बंगाल में कानून व्यवस्था की इस बदहाली की जिम्मेवारी किसे लेनी चाहिए?


राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक वीरेंद्र कुमार और मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखकर घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया है कि राज्य में बार-बार इस तरह की घटनाएं हो रही हैं लेकिन पुलिस सजग होने के बजाय निष्क्रिय बनी हुई है।


हिन्दुस्थान समाचार


 
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