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शाबाश रानू ! बंगभूमि की कोकिला कंठ की दीवानी दुनिया

03/09/2019

प्रभुनाथ शुक्ल

कदीर को गढ़ना बेहद मुश्किल है। जिंदगी में कभी-कभी आपकी लाख कोशिश मुकाम नहीं दिला पाती। लेकिन कभी मंजिल आराम से मिल जाती है। उसके लिए कोई अतिरिक्त प्रयास भी नहीं करने पड़ते। ऐसा भी होता है जब किस्मत को गढ़ने और तराशने में काफी कुछ लुट जाता है और सब कुछ पीछे छूट जाता है। यह भी सच है कि जब भगवान देता है तो छप्पर फाड़कर देता है। हर इंसान की कामयाबी के पीछे ईश्वर का हाथ छिपा होता है। वह चाहे इंसान के रुप में ही क्यों न हो। इसलिए जिंदगी में रियाज और प्रयास को कभी अलविदा नहीं कहना चाहिए। पश्चिम बंगाल के रानाघाट की रानू मंडल आज गूगल और इंटरनेट की दुनिया की स्टार बन गई हैं। रानाघाट रेलवे स्टेशन पर कुछ दिन पहले गुमनाम जिंदगी जीने वाली रानू विकिपीडिया में बतौर प्लेबैक सिंगर दर्ज हो गई हैं। दुनियाभर में करोड़ों लोग इंटरनेट पर उन्हें सर्च कर रहे हैं। एक बेहद गरीब परिवार की महिला ने अपनी आवाज की बुलंदियों की बदौलत सिनेमाई दुनिया में तहलका मचा दिया है। हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि वालीवुड का हर नामचीन प्लेबैक सिंगर उनके साथ अपनी आवाज देना चाहता है। वयोवृद्ध गीतकार संतोष आनंद के लिखे और स्वर कोकिला लता मंगेसकर के गाए गीत 'एक प्यार का नगमा है ...' ने रानू को बुलंदियों पर पहुंचा दिया। कभी वह यही गीत गाकर रानाघाट रेलवे स्टेशन पर दो वक्त की रोटी तलाशती थीं। कहते हैं वक्त बदलते देर नहीं लगती। रानू की जिंदगी बदलने में सबसे बड़ा हाथ तो ईश्वर का है। लेकिन माध्यम बने साफ्टवेयर इंजीनियर यतींद्र चक्रवर्ती, जिन्होंने रानू मंडल का वीडियो वायरल कर हिमेश रेशमिया तक पहुंचाया। 
हिमेश रेशमिया वालीवुड की नामचीन हस्तियों में शुमार हैं। हिन्दी फिल्मों में आज उनके गीत और संगीत का जलवा है। सोशल मीडिया पर रानू मंडल का वायरल हुआ वीडियो हिमेश को इतना भाया कि उन्होंने अपनी आने वाली फिल्म 'हैप्पी हार्डी' और 'हीर' के लिए रानू से दो गाने गवाये। इसकी वजह से रानू की ख्याति और बढ़ गई। हिमेश की तरफ से लांच किए जाने के बाद अब पूरा वालीवुड रानू मंडल को हाथों-हाथ लेना चाहता है। संगीतकार ए रहमान और सोनू निगम भी उनके साथ गाना चाहते हैं। इसी को कहते हैं तकदीर। 
'कभी मैं अपने हाथों की लकीरों से नहीं उलझा। मुझे मालूम है किस्मत का लिखा भी बदलता है।।' मशहूर शायर वशीर बद्र का यह शेर रानू की जिंदगी पर फिट बैठता है। हाथ की सारी लकीरें कभी मिटने के बाद उग आती हैं। शायद रानू मंडल के साथ भी यही हुआ। हालांकि वालीवुड की दुनिया में उनका कैरियर बहुत लंबा नहीं है। रानू जिंदगी के 60 वें मोड़ पर पहुंच चुकी हैं। वह 1960 में पैदा हुईं। उन्होंने कहा भी है कि उनकी जिंदगी में इतने मोड़ हैं कि उस पर पूरी फिल्म बन सकती है। रानू जब छह माह की थीं तभी उनका साथ माता-पिता से छूट गया। दादी ने किसी तरह पालन-पोषण किया। बाद में उन्होंने वालीवुड स्टार फिरोज खान के रसोइये बाबू मंडल से विवाह कर लिया। जिसके बाद वह मुंबई चली आईं। लेकिन इस शादी के बाद से उनके जीवन का संघर्ष शुरू हो गया। परिवार में दरार बढ़ने लगा। पति की मौत के बाद जिंदगी चलाने के लिए रानू ने रानाघाट को अपनी मंजिल बना लिया। स्टेशन पर रफी साहब के गीत जिसे लता मंगेशकर ने स्वर दिया था। उसी सदाबहार गीत 'एक प्यार का नगमा है ...' को गाकर आजीविका चलाने लगीं। उसी नगमे ने उन्हें नगमा बना दिया। 
रानू मंडल की आवाज में गजब की कशिश है। जिस आवाज को अब तक कोई नहीं पढ़ पाया था। उसे यतींद्र चक्रवर्ती ने पढ़ा और वीडियो सूट कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। जिस पर हिमेश रेशमिया के साथ कई नामचीन हस्तियों की निगाह पड़ी। लेकिन कहते हैं हीरे की पहचान जौहरी ही करता है। आखिर हिमेश सबसे पहले बाजी मार ले गए। हिमेश के साथ गाए रानू के वीडियो इतने वायरल हुए कि वह वालीवुड की स्टार संगीतकार बन गईं। अब उनका भाग्य विधाता यतींद्र चक्रवर्ती रानू का मैनेजर बन कर उसका कामधाम संभालने लगा है। रानू के पास एक बेटी भी है, लेकिन मां के दिन जब गर्दिश में थे तो उसने भी किनारा कर लिया था। अब रानू के लाखों चाहने वाले हो गए हैं। सप्ताह भर पूर्व उन्हें कोई पहचानता तक नहीं था। आज उनकी आवाज की कीमत लाखों में हो गई है। पूरा वालीवुड उन्हें हाथों पर लिए फिर रहा है। दुनियाभर में रानू की पहचान एक प्लेबैक सिंगर के रुप में हो गई है। लोग दिन-रात उन्हें इंटरनेट पर खोज रहे हैं। युवाओं की वह पहली पसंद बन गई हैं। इंटरनेट पर उनके फालोवर बढ़ते जा रहे हैं। पश्चिम बंगाल सरकार ने रानाघाट में उन्हें एक घर उपलब्ध कराया है। बालीवुड के साथ दक्षिण भारतीय और बांग्ला फिल्म उद्योग में उनकी मांग बढ़ने लगी है। 

(लेखक पत्रकार हैं।) 


 
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