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सेंसेक्स और निफ्टी में लोअर सर्किट, जानिए क्या है इसके नियम और मायने

23/03/2020

प्रजेश/सुनीत

नई दिल्‍ली/मुंबई, 23 मार्च (हि.स.) शेयर बाजार में सोमवार को शुरूआती कारोबार के दौरान इतनी गिरावट आई कि लोअर सर्किट लग गया, जिसके बाद बाजार में 45 मिनट तक के लिए ट्रेडिंग रोक दी गई। मार्च महीने में ऐसा दूसरी बार हुआ जब बाजार में लोअर सर्किट लगा, जबकि शेयर बाजार के इतिहास में ऐसा छठीं बार हुआ है।

इससे पहले 12 साल पूर्व 2008 में शेयर बाजार में लोअर सर्किट लगा था। दरअसल बाजार में लोअर सर्किट उस समय इसलिए लगा था क्‍योंकि सेंसेक्स करीब 2,991 अंक टूटकर 26,924 और निफ्टी  824 अंक टूटकर 7,903 के स्तर पर आ गया था। 

क्या होता है लोअर या अपर सर्किट

दरअसल लोअर या अपर सर्किट शेयर बाजार के लिए एक आटोमैटिक मकैनिज्म होता है, जो ट्रेडिंग के दौरान सिक्युरिटी या इंडेक्स में बड़ी गिरावट या बड़ी तेजी को थामने के लिए लगाया जाता है। ये बाजार में बड़ी वोलैटिलिटी से निपटने में मदद करता है। 

लोअर सर्किट में 10 फीसदी के नियम

शेयर बाजार में कारोबार शुरू होने के कुछ मिनट बाद ही ​सेंसेक्स में लगभग 10 फीसदी की गिरावट आ गई, जिसके बाद कारोबार को रोकना पड़ा। इस नियम के अनुसार अगर 10 फीसदी की गिरावट 1 बजे से पहले आती है, तो बाजार में एक घंटे के लिए कारोबार रोक दिया जाता है। 45 मिनट बाद 15 मिनट के प्री ओपन सेशन के बाद शेयर बाजार में कारोबार दोबारा शुरू होता है। वहीं, अगर 10 फीसदी का लोअर सर्किट दोपहर 1 बजे के बाद लगता है, तो कारोबार 30 मिनट के लिए रूक जाता है। 2.30 बजे के बाद 10 फीसदी का लोअर सर्किट लगने पर कारोबार जारी रहता है। 

लोअर सर्किट 15 फीसदी के नियम 

अगर इंडेक्स में 15 फीसदी की गिरावट 1 बजे से पहले आती है, तो बाजार में 2 घंटे के लिए कारोबार रोक दिया जाता है। वहीं, दोपहर 1 बजे के बाद 15 फीसदी की गिरावट आने पर एक घंटे के लिए कारोबार रोक दिया जाता है, लेकिन 2.30 बजे के बाद 15 फीसदी का सर्किट लगे तो कारोबार जारी रहता है। 

लोअर सर्किट 20 फीसदी के नियम 

यदि सेंसेक्स या निफ्टी में 20 फीसदी तक की गिरावट आ जाए तो उस दिन कारोबार शुरू नहीं किया जाता है। शेयर बाजार उस दिन के लिए बंद हो जाता   है और अगले ही दिन उसमें ट्रेडिंग शुरू की जाती है। 

बाजार में इस बड़ी गिरावट की वजह

कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप की वजह से प्रमुख अमेरिकी बाजारों में पिछले हफ्ते गुरुवार और शुक्रवार दो दिन बड़ी गिरावट रही। वहीं, डाउ जोंस शुक्रवार को 900 अंकों से ज्यादा टूटकर बंद हुआ। वहीं,  आज एशियाई बाजारों में भी  भारी बिकवाली है। 

भारत में कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़कर 400 के  पार चली गई है, जिससे अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। इसको लेकर सरकार पूरी तरह से अलर्ट है और कई शहरों में लॉकडाउन घोषित कर दिया गया है। कोरोना वायरस के के भारत में बढ़ते मामलों से भी निवेशकों में डर बना है। इसके अलावा ओपेक और नॉन ओपेक के बीच क्रूड को लेकर प्राइस  वार छिड़ने से क्रूड की कीमतों में भारी गिरावट बनी हुई है। सोमवार को क्रूड फिर 26 डॉलर प्रति बैरल के सतर तक कमजोर हुआ। 

हिन्‍दुस्‍थान समाचार


 
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