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एक अदद घर के लिए पांच महीने में 1300 किमी. की पैदल यात्रा

21/12/2019

एक अदद घर के लिए पांच महीने में 1300 किमी. की पैदल यात्रा

युगवार्ता डेस्क

हर कोई खुद के लिए अपना घर चाहता है। चाहे वह इनसान हो या जानवर। किसी के अरमान पूरे हो जाते हैं और किसी के सपने अधूरे रह जाते हैं। महाराष्ट्र के विदर्भ में यवतमाल जिले के टिपेश्वर सेंचुरी का सी-1 नामक एक बाघ अपने लिए नये ठिकाने की तलाश में लगातार पांच महीने भटकता रहा। इस दौरान 1300 किलोमीटर की यात्रा करते हुए बुलढाणा की ज्ञानगंगा सेंचुरी पहुंच गया। है। यवतमाल की टिपेश्वर सेंचुरी की टी-वन बाघिन ने 2016 में इस शावक को जन्म दिया था।
3 साल कि उम्र में सी-वन बाघ अपनी मां टी-वन बाघिन से अलग हुआ और नए अधिवास कि खोज में आगे बढ़ता गया। रेडियो कॉलर लगे होने की वजह से वनविभाग लगातार इसपर नजर बनाए हुए था। टिपेश्वर सेंचुरी से शुरू हुई उसकी यात्रा दो राज्य और 6 जिलों से गुजरी। अपनी 1300 किलोमीटर की यात्रा के दौरान यह बाघ गांवों से के नजदीक से भी गुजरा लेकिन इसने किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। हालांकि अपनी भूख मिटाने के लिए उसने कुछ मवेशियों का शिकार जरूर किया।


 
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