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कर्नाटक संकट पर बोले स्पीकर रमेश कुमार, मेरा दायित्व देश के संविधान और राज्य के लोगों के प्रति है

11/07/2019

- मुझे जल्दबाजी में कोई काम नहीं करना हैः रमेश कुमार

नूरुद्दीन रहमान
बेंगलुरु, 11 जुलाई (हि.स.)। विधानसभा के स्पीकर केआर रमेश कुमार ने कहा कि मुझे इसका काफी दुख हुआ जब मैंने खबर देखी कि मैं इस्तीफों की प्रक्रिया में देरी कर रहा हूं। मैंने इस प्रक्रिया में कोई विलम्ब नहीं किया। 
गुरुवार को बागी विधायकों से दोबारा इस्तीफे लेने के बाद पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मेरा काम किसी को बचाना या किसी को निकालना नहीं होता है। मैं जनता के प्रति जवाबदेह हूं। उन्होंने (बागी विधायकों ने) मुझे बताया कि कुछ लोगों ने उन्हें धमकी दी और वे डर से मुंबई चले गए थे लेकिन मैंने उनसे कहा कि उन्हें मुझसे संपर्क करना चाहिए था और मैं उन्हें सुरक्षा दिलाता। सुप्रीम कोर्ट ने मुझसे फैसला लेने के लिए कहा है। मैंने सारी चीजों की वीडियोग्राफी की है और मैं उसे सुप्रीम कोर्ट को भेजूंगा। 

उन्होंने कहा कि सोमवार को कर्नाटक विधानसभा के रूल 202 के आधार पर इस्तीफों की जांच की गई। 8 पत्र निर्धारित रूप में नहीं पाए गए थे। शेष मामलों में मैं यह देखने के लिए बाध्य था कि क्या ये इस्तीफे स्वैच्छिक और वास्तविक हैं। 6 जुलाई को मैं अपने ऑफिस में दोपहर 1.30 तक था। विधायक वहां 2 बजे आए, यहां तक कि उन्होंने पहले से कोई समय भी नहीं लिया था।  विधायकों ने मुझसे कोई बात नहीं की वे सीधा राज्यपाल के पास गए। वे क्या करते? क्या यह दुरुपयोग नहीं है? उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से संपर्क किया। मेरा दायित्व देश के संविधान और राज्य के लोगों के प्रति है। मैं देरी कर रहा हूं क्योंकि मैं इस मिट्टी से प्यार करता हूं। मुझे जल्दबाजी में कोई काम नहीं करना है।  

उल्लेखनीय है कि इस्तीफा देने वालों में विधायक एस टी सोमशेखर, मुनिरत्ना, बी ए बसवराज, प्रताप गौड़ा पाटिल, बी सी पाटिल, रमेश जारकीहोली, ए शिवराम हेब्बार, महेश कुमटल्ली, रामलिंगा रेड्डी, आनंद सिंह के साथ निलंबित विधायक आर रोशन बेग, एमटीबी नागराज,के. सुधाकर (सभी कांग्रेसी) गोपालैया, नारायण गौड़ा, एच विश्वनाथ (सभी जेडीएस) शामिल हैं। इसके अलावा दो निर्दलीय विधायकों एच नागेश और आर शंकर ने भी इस्तीफ़ा दिया है। 

इससे पहले बागी कांग्रेस विधायक बीए बसवराज विधानसौधा में स्पीकर कार्यालय जाने के दौरान दौड़ लगाकर गए। इसी दौरान पुलिस अधिकारियों ने भाजपा नेता बसवराज बोम्मई, वी सोमन्ना, विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी सहित अन्य भाजपा विधायकों के एक समूह को विधानसभा में स्पीकर के कक्ष की तरफ जाने से रोक दिया।

गौरतलब है कि अबतक कांग्रेस और जेडीएस के 16 विधायकों द्वारा इस्तीफ़ा देने से विधानसभा की संख्या 224 से 208 हो गई है। कांग्रेस-जेडीएस की संख्या घटकर 101 (बसपा से एक सहित) हो गई है, जबकि भाजपा के पास 105 और दो निर्दलीय विधायकों का समर्थन है। 

हिन्दुस्थान समाचार


 
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