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रेलवे टिकट रद्द करा चुके लोगों को भी मिलेगा पूरा रिफंड

29/06/2020

- श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की अब ज्यादा मांग नहीं, 4,596 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई गई 

सुशील बघेल
नई दिल्ली, 29 जून (हि.स.)। रेल मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि नियमित ट्रेनें रद्द होने की घोषणा से पहले ही अपना टिकट कैंसिल करा चुके यात्रियों को भी अब पूरा पैसा वापस किया जाएगा। 

रेल मंत्रालय में सूचना एवं प्रचार विभाग के कार्यकारी निदेशक राजेश दत्त बाजपेई ने सोमवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि काफी संख्या में यात्रियों ने ट्रेनें रद्द होने से पहले ही टिकट कैंसिल कराये थे। उस समय उन्हें पूरा रिफंड नहीं मिला था। ऐसे में उनसे कैंसिलेशन शुल्क काटा गया था लेकिन अब उन्हें कैंसिलेशन शुल्क की राशि भी लौटाने का निर्णय किया गया है। यात्रियों को इसके लिए टीडीआर फाइल करना होगा। 

उल्लेखनीय है कि हाल ही में, रेलवे ने 12 अगस्त तक अपनी सभी नियमित ट्रेनों को रद्द कर दिया, लेकिन कहा कि विशेष ट्रेनें सेवा में बनी रहेंगी। 

लॉकडाउन के कारण देश के विभिन्न स्थानों पर फंसे प्रवासियों को उनके गृह राज्य तक पहुंचाने के लिए 1 मई से शुरू की गई श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के संबंध में रेलवे वहीं पत्र सूचना कार्यालय में रेल मंत्रालय से संबद्ध अतिरिक्त महानिदेशक डी.जे. नारायण ने बताया कि रेलवे ने 27 जून तक 4,596 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं। उन्होंने कहा कि श्रमिक स्पेशल रेलगाड़ियों की मांग अब लगभग समाप्त हो चुकी है। 

उन्होंने कहा कि अब किसी भी राज्य से श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की मांग नहीं है, हालांकि यदि राज्य उनके लिए अनुरोध करते हैं तो उन्हें और अधिक श्रमिक ट्रेन उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि राज्यों से मांग नहीं होने के कारण रविवार को कोई भी श्रमिक ट्रेन नहीं चलाई गई है और मंगलवार के लिए भी कोई ट्रेन निर्धारित नहीं की गई है। कर्नाटक से सिर्फ एक ट्रेन की मांग थी और वह ट्रेन आज (सोमवार) बेंगलुरु से मुजफ्फरपुर के लिए चल रही है।

उन्होंने कहा कि जून से श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की मांग में काफी कमी आ रही है। 31 मई को, रेलवे ने केवल 69 श्रमिक ट्रेनों का संचालन किया, जबकि इससे पहले यह आंकड़ा 100 से अधिक ट्रेनों का था। प्रवक्ता ने कहा कि 1 जून से परिचालन शुरू करने वाली 200 मेल व एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेनों से रेलवे को प्रतिदिन 20-22 करोड़ रुपये की आय हो रही है। 

उन्होंने कहा कि 12 मई से राजधानी मार्गों पर चलने वाली 15 जोड़ी ऐसी ट्रेनों में अधिवास (ऑक्युपेंसी) 80 प्रतिशत है। पांच राज्यों में स्टेशनों पर खड़ी रेलवे की कोविड केयर कोच के संबंध में कहा कि उत्तर प्रदेश के मऊ में 20 जून से भर्ती किए गए 59 रोगियों में से 56 को छुट्टी दे दी गई है, जबकि दिल्ली के शकूरबस्ती स्टेशन में भर्ती कराए गए 32 में से 23 को छुट्टी दे दी गई है। 

हिन्दुस्थान समाचार


 
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