युगवार्ता

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प्रदूषण से दम तोड़ता तारापुर

11/08/2019

प्रदूषण से दम तोड़ता तारापुर

 सुधीर जोशी

वायु प्रदूषण के लिहाज से राज्य के अगर पांच शहरों की बात करें तो चंद्रपुर 76 सीपी, तारापुर 72 सीपी, डोबिवली 62 सीपी, नासिक 56.50 सीपी तथा नवी मुंबई का प्रदूषण निर्देशांक 56 है।

राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण की ओर से जारी देश के सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों की घोषित सूची में महाराष्ट्र के औद्योगिक शहर के रूप में ख्यात तारापुर पहले स्थान पर है। दूसरी ओर महाराष्ट्र के ही चंद्रपुर को सबसे ज्यादा वायु प्रदूषित शहर में स्थान मिला है। चंद्रपुर शहर का प्रदूषण निर्देशांक (सीपी) 93.69 है। तारापुर के बाद दिल्ली और मथुरा प्रदूषित शहर बताए गए हैं। वायु प्रदूषण के लिहाज से सूबे में चंद्रपुर 76.41 सीपी लेकर दूसरे स्थान पर है, जबकि औरंगाबाद 69.85 सीपी के साथ तीसरे स्थान पर है। वायु प्रदूषण के लिहाज से राज्य के अगर पांच शहरों की बात करें तो चंद्रपुर 76 सीपी, तारापुर 72 सीपी, डोबिवली 62 सीपी, नासिक 56.50 सीपी तथा नवी मुंबई का प्रदूषण निर्देशांक 56 है। चेंबूर, पिंपरी चिंचवड तथा महाड भी प्रदूषित शहरों की सूची में आने की ओर अग्रसर बताये जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी भी प्रदूषित शहरों की सूची में शामिल है। देश की राजधानी दिल्ली के साथ-साथ भगवान श्री कृष्ण की जन्म स्थली मथुरा, राष्ट्रपिता महात्मा के गृह राज्य गुजरात में आने वाले वडोदरा शहर, हरियाणा के अंतर्गत आने वाले गुडगांव के अलावा उत्तर प्रदेश के औद्योगिक नगर कानपुर, मुरादाबाद, बुलंदशहर की तरह ही मनाली भी वायु प्रदूषित शहरों में शामिल है। चंद्रपुर के सभी क्षेत्र का पर्यावरण निर्देशांक पूर्व में 54.53 था, इसके बाद यह 61 पर पहुंचा, इसके बाद 2018 में कराए गए सर्वेक्षण के बाद यह निर्देशांक 76. 41 हो गया। वायु प्रदूषित शहरों की सूची में चंद्रपुर देश में आठवें स्थान पर है।
अत्यंत प्रदूषित श्रेणी में जाने के कारण चंद्रपुर का स्थान वायु प्रदूषण के लिहाज से महाराष्ट्र में पहले स्थान पर है। ऐसे में बढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर चंद्रपुर में जारी उद्योगों पर विराम लगने की आशंका भी व्यक्त की जा रही है। वायु प्रदूषण के कारण चंदपुर तथा महाराष्ट्र के अन्य वायु प्रदूषित शहरों के स्वास्थ्य तथा वहां की फसलों पर जो प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, इस बारे में सरकार के पास क्या योजनाएं हैं यह जानना अब बहुत जरूरी हो गया है। चंद्रपुर में प्रदूषित हवा की वजह से वहां के उद्योग धंधों पर प्रतिबंध लगाने की बात कही जाने लगी है, लेकिन उद्योग धंधों पर ताले लगने से वहां काम करने वाले लोगों का पुनर्वास कैसे किया जाएगा, इस बारे में कोई योजना सरकार के पास है या नहीं इसका खुलासा भी होना चाहिए।
राज्य की देवेंद्र फडणवीस सरकार के कद्दावर नेता तथा वन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार के प्रभाव क्षेत्र वाले चंद्रपुर की प्रदूषित हवा को कैसे शुद्ध किया जाए यह सबसे बड़ा प्रश्न है। तारापुर की स्थिति तो चंद्रपुर से भी ज्यादा खराब है, वहां की स्थिति कैसे सुधरेगी, यह सवाल वहां की जनता को कचोट रहा है, अब देखना यह है कि महाराष्ट्र का तारापुर देश के सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर की सूची में पहले स्थान पर कब तक बना रहता है।


 
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