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कोलकाता की अदालत ने शशि थरूर के खिलाफ जारी किया गिरफ्तारी वारंट

13/08/2019

ओम प्रकाश
कोलकाता, 13 अगस्त (हि.स.)।  कोलकाता की मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट (बैंकशाल अदालत) ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता और तिरुअनंतपुरम से सांसद शशि थरूर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि साल 2018 में थरूर ने एक विवादास्पद बयान देते हुए  केंद्र सरकार पर भारत को "हिंदू पाकिस्तान" बनाने का आरोप लगाया था। उनके इस विवादित बयान के खिलाफ सुमित चौधरी नाम के अधिवक्ता ने कोलकाता की बैंकशाल  कोर्ट में उनके खिसाफ मुकदमा दायर  किया था।  मंगलवार को मामले की सुनवाई होनी थी जिसमें थरूर को मौजूद रहने के लिए कहा गया था लेकिन वह हाजिर नहीं हुए। इसलिए कोर्ट ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी  वारंट जारी किया है।

 क्या है मामला
11 जुलाई, 2018 को थरूर ने कहा था कि यदि 2019 लोकसभा चुनाव में भाजपा जीतती है तो वह भारत को 'हिंदू पाकिस्तान' बनाने जैसे हालात पैदा कर देगी।  उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र तिरूवनंतपुरम में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था कि भाजपा एक नया संविधान लिखेगी जो भारत को पाकिस्तान जैसे राष्ट्र में बदलने का रास्ता साफ करेगा, जहां अल्पसंख्यकों के अधिकारों का हनन किया जाएगा, उनका कोई सम्मान नहीं होगा। उन्होंने कहा था कि यदि भाजपा दोबारा लोकसभा चुनाव जीतती है तो देश का लोकतांत्रिक संविधान खत्म हो जाएगा। भाजपा द्वारा लिखा गया नया संविधान पूरी तरह से हिंदू राष्ट्र के सिद्धांतों पर आधारित होगा, जो अल्पसंख्यकों के अधिकारों को पूरी तरह से खत्म कर देगा और भारत को 'हिंदू पाकिस्तान' बना देगा।  

उनके इस बयान की तीखी आलोचना हुई थी। भाजपा ने थरूर के इस बयान के लिए राहुल गांधी से माफी की मांग की थी और तर्क दिया था कि जिस तरह से पाकिस्तान का गठन कांग्रेस ने किया उसी तरह से एक बार फिर भारत में रह रहे बहुसंख्यक समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाते हुए कांग्रेस भारत विभाजन की साजिश रच रहे है। हालांकि न तो राहुल गांधी और ना ही थरूर ने माफी मांगी। बाद में अधिवक्ता चौधरी ने कोलकाता की इस कोर्ट में उनके खिलाफ मामला किया था जिस पर सुनवाई चल रही है। थरूर का पक्ष जानने के लिए कोर्ट ने उन्हें आज होने वाली सुनवाई में शामिल होने के लिए कहा था लेकिन इस मामले में जितनी भी सुनवाई हुई है उसमें से किसी में भी थरूर हाजिर नहीं हुए। जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार करने का आदेश दिया गया है। 

हिन्दुस्थान समाचार 


 
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