खेल के मैदानों में छाई वीरानी


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खेल के मैदानों में छाई वीरानी


खेल के दौरान खिलाड़ियों का जोश बढ़ाने के लिए मैदान में दर्शकों की मौजूदगी जरूरी है। उनकी तालियों और शोर-गुल के बगैर कोई भी खेल मुकाबला कैसा होगा, इसका अंदाजा बखूबी लगाया जा सकता है। ऐसे ही दृश्य पिछले दिनों कई महत्वपूर्ण मैचों के दौरान देखने को मिले। गोवा में एटीके और चेन्नइयन एफसी के दरमियान खेला गया हीरो इंडियन सुपर लीग का मैच उनमें से एक रहा। यह मैच दर्शकों की अनुपस्थिति की वजह से बे-मजा रहा। ऐसा ही नजारा आॅस्ट्रेलिया के शहर सिडनी में भी गत दिनों दिखाई दिया। यहां आॅस्ट्रेलिया और न्यूजीलैण्ड के बीच पहले मैच में सन्नाटा पसरा रहा। जाहिर है खेल के यह मैदान पूरी दुनिया में पांव पसार चुकी कोरोना महामारी के सबब वीरान रहे। बात यहीं तक होती तो भी गनीमत थी क्योंकि तब तक लोगों को कोविड-19 (कोरोना वायरस) के नियंत्रित हो जाने की उम्मीद थी।

आज तस्वीर कुछ और है। दुनिया के डेढ़ सौ से अधिक देश अब इसके लपेटे में हैं। अपना मुल्क भी इससे अछूता नहीं रहा है। इस कारण भारत को दक्षिण अफ्रीका के साथ होने वाली वनडे सीरीज के शेष दो मैचों को स्थगित करना पड़ा। दोनों टीमों के दरमियान पहला वनडे धर्मशाला में बारिश के कारण पहले ही धुल गया था। उसके बाद बीसीसीआई को अपने दीगर आयोजनों की तारीख या तो आगे बढ़ानी पड़ी या फिर उन्हें रद्द करने के लिए मजबूर होना पड़ा। 29 मार्च से आरंभ होने वाली दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग आईपीएल की तारीखों को फिलहाल बोर्ड ने 15 अप्रैल तक स्थगित कर दिया है। उसके बाद भी इंडियन सुपर लीग (आईपीएल) का अयोजन होना तय नहीं है क्योंकि इसका फैसला कोरोना की स्थिति पर निर्भर करेगा। खुदा न ख्वास्ता अगर इसे रद्द करना पड़ा तो माना जा रहा है कि इससे बीसीसीआई को लगभग दस हजार करोड़ रुपये का नुकसान होगा।

अगर मैच दर्शकों के बिना कराए गए तो खिलाड़ियों के सार्वजनिक प्रोग्रामों पर रोक से फ्रेंचाइजी को मिलने वाली स्पांसरशिप रकम का बड़ा नुकसान होगा। दर्शकों के टिकट से होने वाली बड़ी कमाई से बोर्ड महरूम रह जाएगा। मैचों की तादाद कम हुई तो इसका प्रसारण करने वाला चैनल स्टार स्पोर्ट्स अपने अधिकार रकम में कटौती की मांग कर सकता है। इसके अलावा बीसीसीआई ने कोरोना वायरस की वजह से अपने घरेलू मैच भी अगले आदेश तक स्थगित कर दिए हैं। उनमें ईरानी कप, महिला एकदिवसीय वनडे नॉक आउट, विजय ट्रॉफी, महिला वनडे चैलेंजर, महिला अंडर-19 की वनडे नॉक आउट और टी-20 लीग जैसे कई टूर्नामेंट शामिल हैं। क्रिकेट के अलावा हमारे राष्ट्रीय खेल हॉकी के मुकाबलों पर भी इसका असर पड़ा है।

हॉकी इंडिया ने जूनियर, सब-जूनियर और पुरुषों की नेशनल चैम्पियनशिप को स्थगित कर नई तारीखों की घोषणा की है। इसके अलावा देश में फुटबॉल, गोल्फ, टेनिस, बास्केटबॉल, कुश्ती, कबड्डी समेत दीगर सभी इंडोर और आॅउट-डोर खेलों के आयोजनों को भी स्थगित कर दिया गया है। कुछ यही हॉल विदेशी खेल मैदानों का भी है। पड़ोसी देश पाकिस्तान ने बांग्लादेश के साथ होने वाली अपनी वनडे और टेस्ट सीरीज स्थगित कर दी है। पाकिस्तानी सुपर लीग को कई विदेशी खिलाड़ी बीच में ही छोड़कर चले गए। कोरोना की वजह से इसके बाकी मैचों को रद्द करना पड़ा। उधर आॅस्ट्रेलिया और न्यूजीलैण्ड के बीच चैपल-हेडली सीरीज का पहला मैच किसी तरह बिना दर्शकों के खेला गया, लेकिन इसके बाकी मैच रद्द कर दिए गए। कुछ यही हाल इंग्लैण्ड के साथ श्रीलंका और आयरलैण्ड के साथ जिम्बाब्वे के क्रिकेट मैचों की सीरीज का हुआ। दुनिया के सबसे लोकप्रिय खेलों में शुमार फुटबॉल के मैदान भी कोरोना के खौफ से सूने हैं। दुनिया की मशहूर इंग्लिश प्रीमियर लीग फुटबॉल को फिलहाल टाल दिया गया है।

हर चार साल बाद होने वाले फुटबॉल के बड़े आयोजन यूरो-2020 के आयोजन का फैसला भी कोरोना के सबब अधर में लटका है। गोल्फ मास्टर्स, लंदन मैराथन, फार्मूला वन और फार्मूला-ई कार रेस, एटीपी और विम्बंलडन जैसे टेनिस के नामी टूर्नामेंट, आॅल इंग्लैण्ड बैडमिंटन जैसे टूर्नामेंट पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। अलबत्ता सबसे अधिक बेचैनी इसी साल जुलाई-अगस्त में टोक्यो ओलंपिक को लेकर है। चीन का पड़ोसी होने के नाते जापान भी कोरोना के कहर से बचा नहीं है। इसलिए खेलों का यह महाकुंभ निर्धारित समय पर होगा या नहीं, इस बारे में अभी कोई स्पष्ट फैसला नहीं लिया जा सका है।

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