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डिजिटल सूची से यौन अपराधियों की खैर नही

11/12/2019

डिजिटल सूची से यौन अपराधियों की खैर नही


हिला और बाल विकास मंत्रालय इन दिनों भारत के सभी यौन अपराधियों की डिजिटल सूची तैयार कर रहा है। इस सूची को मंत्रालय कंपनियों व संस्थानों से साझा करेगा। इससे नौकरी देने वाले संस्थान अपने कर्मचारियों की पृष्ठभूमि जांच सकेंगे। यह बात केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री स्मृति जुबिन इरानी ने 18 नवंबर को महिला और बाल विकास मंत्रालय तथा फेसबुक द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। स्मृति ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं व बच्चों को सुरक्षा प्रदान करना उनके मत्रालय की प्राथमिकता है। इस दिशा में कई कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों को हिंसा और दुर्व्यवहार से बचाने के लिए उनके घरों और पड़ोस में सुरक्षा सुनिश्चित करना तात्कालिक आवश्यकता है। महिला और बाल विकास मंत्री ने एनसीआरबी के 2017 के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि महिलाओं के विरूद्ध दर्ज अपराध के तीन लाख मामलों में अपराधी पति और संबंधी थे। इसलिए महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा का विषय घर के नजदीक होता है।

उन्होंने एनसीआरबी के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 42 प्रतिशत पुरुष घरेलू हिंसा को उचित बताते हैं और 62 प्रतिशत महिलाएं घरेलू हिंसा का समर्थन करती हैं। उन्होंने कहा कि थानों तक महिलाओं और बच्चों की पहुंच को सहज बनाने के लिए देश के प्रत्येक थाने में महिला सहायता डेस्क स्थापित की जा रही है। क्योंकि अपनी सुरक्षा और जीवन को खतरा मानते हुए महिलाएं जब कभी संकट से घिरी होती हैं तो वे पहले थाना पहुंचती हैं। ऐसे में महिला और बाल विकास मंत्रालय ने गृह मंत्रालय के सहयोग से साइबर अपराध पोर्टल लॉन्च किया है। महिला और बाल विकास मंत्रालय इस पोर्टल को मजबूत बनाने में सहायता दे रहा है। ताकि महिलाएं साइबर धमकी, आॅनलाइन शर्मनाक हरकतों तथा धमकियों की शिकायतें दर्ज कराने में सक्षम हो सकें।




 
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