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उत्तराखंड : आठ गैंगस्टर को 3-3 साल कैद की सजा

07/02/2020

-विशेष कोर्ट ने 5-5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया

रजनीकांत शुक्ला
हरिद्वार, 07 फरवरी (हि.स.)। विशेष जज गैंगस्टर, तृतीय एडीजे वरुण कुमार ने शुक्रवार को संगठित गिरोह बनाकर हत्या, लूट, डकैती, चोरी करने व लोगों को डराने के मामले में आठ आरोपितों को तीन-तीन साल के कारावास के साथ 5-5 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर सभी दोषी को 3-3 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतने के भी आदेश दिए हैं।

सरकारी अधिवक्ता राजू विश्नोई ने बताया कि 24 दिसम्बर,2013 में शिकायतकर्ता तत्कालीन प्रभारी कोतवाली गंगनहर ने डीएम द्वारा जारी गैंग चार्ट के आधार पर आरोपित मेहताब पुत्र सलीम, अफजाल उर्फ लाला उर्फ वीरा पुत्र शब्बीर, मारूफ पुत्र मासूम, जुल्फकार पुत्र शब्बीर निवासीगण ग्राम अंबेहटा शेख इब्दुलापुर थाना देवबंद सहारनपुर(उप्र), आसिफ पुत्र सदाकत निवासी मोहल्ला कायस्तवाड़ा थाना देवबंद सहारनपुर(उप्र), कुलदीप पुत्र सोरन, ललित पुत्र बीरबल निवासी गण ग्राम भरतपुर थाना झबरेड़ा हरिद्वार और सुरेश ठाकुर पुत्र शिवचरण निवासी ग्राम खेड़ी खुशनाद थाना झींझना शामली(उप्र) के खिलाफ कोतवाली गंगनहर में केस दर्ज कराया था। तत्कालीन पुलिस अधिकारी योगेंद्र पाल सिंह अपनी पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में शांति व्यवस्था के लिए गश्त कर रहे थे। उसी दौरान आरोपितों द्वारा घटना को अंजाम देने की सूचना मिली। इस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सभी आरोपितों को पकड़ा।

गंगनहर पुलिस ने सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अभियोजन पक्ष की ओर से साक्ष्य में 11 गवाह पेश किए गए। स्पेशल जज गैंगस्टर कोर्ट ने अभियोजन पक्ष की दलीलें व प्रस्तुत साक्ष्य पर सभी आठ आरोपितों को केस में दोषी ठहराते हुए सभी को तीन-तीन साल कैद व प्रत्येक पर पांच हजार के जुर्माने की सजा सुनाई।

हिन्दुस्थान समाचार


 
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