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मप्र : राजभवन में हुआ पत्रकारों का सम्‍मान,राज्‍यपाल ने कहा यह संविधान का सम्‍मान है

11/08/2019

 डॉ. मयंक चतुर्वेदी
भोपाल, 11 अगस्‍त (हि.स.) । प्रदेश के राज्‍यपाल लालजी टंडन ने रविवार को राजभवन में राज्‍य के प्रमुख सम्‍पादक एवं ब्‍यूरो प्रमुखों का शाल एवं स्‍मृतिचिन्‍ह देकर सम्‍मान किया। अपने इस नवाचार को आरंभ करने के अवसर पर उन्‍होंने कहा कि यह सम्‍मान किसी व्‍यक्‍त‍ि का नहीं, व्‍यवस्‍था और संविधान का है। पत्रकार जनतंत्र के लिए अपना पूर्ण समर्पण करते हैं। दिन-रात उसके कुशलक्षेम के लिए प्रयत्‍न करते हैं। वह हमारे संविधान का चतुर्थ स्‍तम्‍भ हैं । बिना उसके प्रयासों के सफल और सुफल व्‍यवस्‍थाओं की कल्‍पना नहीं की जा सकती। सच पूछिए तो यह सम्‍मान भारतीय लोकतंत्र का ही सम्‍मान है।  
इस अवसर पर उनका कहना यह भी था कि जनतंत्र में व्‍यवस्‍था के नाम पर संवैधानि‍क पदों पर बैठे व्‍यक्‍तियों की जन से दूरी नहीं होनी चाहिए बल्‍कि सीधा एवं सतत संवाद होते रहना चाहिए। राज्‍यपाल टंडन ने कहा कि जनतंत्र में साधारण घर में बैठे हुए आमजन और संवैधानिक पद पर बैठे व्‍यक्‍त‍ि के बीच में कभी इतनी दूरी न हो कि उसके बीच संवाद ही न हो। यदि कहीं ऐसा है तो वहां स्‍वस्‍थ जनतंत्र नहीं। कम से कम शिष्‍टाचार भेंट, कोई शिकायत,  कोई सुझाव देने का अवसर मिलता रहे तो सब ठीक रहता है । आज  इसीलिए ये सम्‍मेलन है। आप लोग सबको शिक्ष‍ित कर रहे हैं, सही और गलत का ज्ञान दे रहे हैं। देश और समाज सही दिशा में आगे बढ़े इसके लिए सतत लिख-बोल रहे हैं, ऐसे में आप सभी को सम्‍मानित करके मैं स्‍वयं को सम्‍मानित महसूस कर रहा हूं। 
उल्लेखनीय है मध्‍यप्रदेश के पूर्व बिहार के राज्‍यपाल रहते हुए टंडन कई नवाचार करने में सफल रहे हैं । उन्होंने राज्य के विश्वविद्यालयों में दीक्षांत समारोह नियमित करने पर जोर दिया। दीक्षांत समारोह में भारतीय परिधानों का चलन शुरू कराया। अकादमिक तथा परीक्षा कैलेंडर नियमित करवाए । विश्वविद्यालयों की लंबित परीक्षाएं समय पर करवाईं। राजभवन में धन्वंतरी तथा नक्षत्र वाटिकाएं स्थापित करवाईं। विश्वविद्यालयों में इसी साल से यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट इनफार्मेशन सिस्टम (यूएमआईएस) लागू कराया। उच्च शिक्षा के विकास के ब्लूप्रिंट निर्माण को लेकर कार्यशाला हुई। गांधी दर्शन पर सेमिनार, शहीदों की पत्नियों का सम्मान, संगीतज्ञों को सम्मान, राजभवन में संविधान दिवस का आयोजन, शंकराचार्य व मंडन मिश्र की तर्ज पर शास्त्रार्थ आयोजन, चांसलर्स अवार्ड की शुरुआत, विश्वविद्यालयों को गांवों को गोद लेने के लिए प्रेरित करना, इत्‍यादि इनके अब तक महत्‍वपूर्ण कार्य रहे हैं। 
मध्‍यप्रदेश में राज्‍यपाल की आगामी योजना 
राजभवन द्वारा इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के दौरान 13 से 16 अगस्त तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करने जा रहा है। इसमें 13 से 16 अगस्त तक शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक राजभवन आमजन के लिये खुलेगा। यहां गांधी जी की 150वीं जयंती पर केन्द्रित विशेष नाट्य प्रस्तुति होगी। वहीं, 14 अगस्त को शाम 6 बजे से पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृतियों को समर्पित कवि सम्मेलन होगा। कवि सम्मेलन में कुमार विश्वास के साथ वसीम बरेलवी, अतुल कनक, वेद प्रकाश, अंकिता सिंह और रमेश कुमार रचना पाठ करेंगे। पंद्रह अगस्‍त को स्वागत समारोह में गणमान्य नागरिकों एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का स्वागत शाम 5 बजे होगा। राज्‍यपाल  श्री टंडन के प्रयासों से शौर्य स्मारक पर 16 अगस्त को शाम 5 बजे से लगभग 12 स्कूलों के 800 बच्चों के साथ पुलिस बैंड एवं सशस्त्र सेना बल का बैंड अपनी प्रस्तुति देगा। 
उल्‍लेखनीय है कि इससे पहले मध्‍यप्रदेश में इस तरह से आमजन और पत्रकारों से परस्‍पर संवाद करते हुए राजभवन तथ्रा बाहर केंद्र में भाजपा की सरकार रहते हुए भाई महावीर को देखा गया था।  डॉ. भाई महावीर के मध्‍यप्रदेश से जाते ही लम्‍बे समय से जिस खाली स्‍थान को महसूस किया जा रहा था। राज्‍यपाल टंडन के यहां आने के बाद उसे फिर भरा हुआ महसूस किया जा रहा है। 
 
हिन्‍दुस्‍थान समाचार


 
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