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मुख्यमंत्री ने की 27 तक पूरे उप्र में लॉकडाउन की घोषणा, हालात देख डीएम लगाएंगे कर्फ्यू

24/03/2020

संजय सिंह

लखनऊ, 24 मार्च (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए पूरे प्रदेश में 27 मार्च तक लॉकडाउन करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि सरकार इस बात के लिए व्यापक प्रबन्ध कर रही है कि आम जनता को आवश्यक वस्तुओं की किभी भी प्रकार की कमी न हो।

उन्होंने मंगलवार को व्यापार संगठन के पदाधिकारियों, दवा विक्रेताओं, लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधियों सहित प्रशासन और पुलिस अफसरों के साथ वीडियो कान्फ्रेंस में कहा कि प्रदेश में कोरोना वायरस को लेकर 34 मामले अब तक सामने आ चुके हैं। इनमें से 11 रिकवर हो चुके हैं। शामली में जो मरीज सामने आया है, वह 15 मार्च को जनपद आया था। उसमें अब इसके लक्षण पाये गये हैं। इसी तरह जौनपुर में भी मरीज 15 मार्च को आया था, वह इसका शिकार हुआ है।
बड़ी संख्या में लोग अन्य के सम्पर्क में आ रहे हैं। इसलिए इंतजाम करना बेहद जरूरी है। इसके मद्दनेनजर अब जिलाधिकारियों को अधिकृत किया गया है, कि वह जहां जरूरी हो, वहां लॉकडाउन या कर्फ्यू घोषित कर सकते हैं। संवेदनशील स्थिति देखते हुए स्थानीय प्रशासन इस सम्बन्ध में निर्णय कर सकता है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना वायरस के मद्देनजर आइसोलेशन वार्ड की संख्या बढ़ाकर 11000 कर दी गई है। कोरोना वायरस को लेकर सतर्कता वर्तमान स्थिति में और भी ज्यादा जरूरी हो गई है। इसलिए सभी संगठन अपने स्तर पर भी इस सम्बन्ध में अपील करने के लिए आगे आएं। आवश्यक वस्तुओं से लेकर दवा, मास्क आदि की कीमतों में किसी भी सूरत में वृद्धि न हो। काला बाजारी अमानवीय व अनैतिक भी है।

उन्होंने कहा कि लोग अनावश्यक मास्क लगाकर पैनिक की स्थिति न पैदा करें। मास्क उन्हीं के लिए जरूरी है, जो जरूरी सेवाओं के कारण लगातार लोगों के सम्पर्क में हैं। अन्य लोग साफ रुमाल या कपड़ा तीन-चार पर्तों में लगा सकते हैं। उन्होंने कहा कि दवा की दुकानें लगातार खुली रहेंगी। लॉकडाउन से जरूरी सुविधाएं बिल्कुल भी प्रभावित नहीं होंगी। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महामारी से बचने के लिए हर तरह की फेक न्यूज से सावधान रहें। किसी भी जानकारी के लिए मुख्यमंत्री हेलपलाइन नंबर से संपर्क कर सकते हैं। आज रात पीएम मोदी फिर से जनता को संबोधित करेंगे और हमें उनके नेतृत्व में इसी तरह इस महामारी से लड़ना है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के 35 लाख श्रमिकों को 1000 रुपये प्रतिमाह भत्ता दिया जा रहा है। दिहाड़ी मजदूरों के खाते में डीबीटी के माध्यम से एकसाथ एक-एक हजार रुपये की सहायता राशि भेजी जाएगी। ठेला-खोमचा व रेहड़ी वालों के साथ ही रिक्शा और ई-रिक्शा वालों को भी इससे जोड़ा जाएगा और उनके अकाउंट में भी सहायता राशि भेजी जाएगी। सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों की संख्या आधी कर दी गई है। निजी क्षेत्र में भी किसी भी कर्मचारी की छुट्टी के पैसे नहीं कटेंगे। उन्हें लीव विद सैलरी मिलेगी।
हिन्दुस्थान समाचार


 
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