युगवार्ता

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भारत में शार्क मछली पर संकट

12/08/2019

भारत में शार्क मछली पर संकट

 युगवार्ता डेस्क

यदि शार्क मछलियों की संख्यां में इसी रतार से गिरावट जारी रही तो यह मछली विलुप्त भी हो सकती है। इसका संकेत मिला है प्रकृति संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय संघ द्वारा किए गए एक अध्ययन से। रिपोर्ट मुताबिक विश्वभर की कुल शार्कों में से एक चौथाई पर विलुप्ति का खतरा पैदा हो गया है। शार्क मछली के मामले में महाराष्ट्र और गुजरात का योगदान लगभग 50 प्रतिशत है। लेकिन मत्स्य क्षेत्र पर दुष्प्रभाव पड़ने से शार्क की संख्या घटती जा रही है। 15 से अधिक देशों के शोधकर्त्ताओं ने अरब सागर में अध्ययन कर कहा कि लगभग 50 प्रतिशत शार्क मछलियां खतरे की श्रेणी में हैं। इसका कारण सीमा से अधिक मछली पकड़ना, आधुनिक फिशिंग गियर और गहरे पानी में मछली पकड़ना है। इसलिए आवश्यकता है कि समय रहते शार्क मछिलयों को विलुप्त होने से बचाया जाए। क्योंकि दूसरी मछलियों की तरह शार्क ढेर सारे अंडे न देकर अक्सर 7 या 8 अंडे ही देती हैं। इसलिए इनकी रक्षा करना जरूरी है।


 
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