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उप्र ने कृषि और खाद्य प्रसंस्करण में रूस के साथ एमओयू पर किए हस्ताक्षर

12/08/2019

संजय सिंह
लखनऊ, 12 अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रूस यात्रा के दूसरे दिन सोमवार को भारतीय उद्यमियों के साथ कृषि, खाद्य प्रसंस्करण एवं ऊर्जा विषय पर आधारित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यहां रूस के 'ज़बाइकल्सकी क्राय' क्षेत्र और उ.प्र. ने कृषि और खाद्य प्रसंस्करण के सेक्टर में एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र में लगभग आठ मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्र के विकास की संभावनाएं विद्यमान हैं, जो हम सभी के लिए निवेश की संभावनाओं के अवसर प्रदान करेगा।

आाजादी के बाद रूस ने दिया भारत का साथ

उन्होंने कहा कि भारत और रूस के विगत सात दशकों से प्रगाढ़ संबंध रहे हैं। आजादी के तुरंत बाद रूस ने भारत का साथ दिया। रक्षा, औद्योगिक तथा परमाणु क्षेत्र में हमें रूस का भरपूर सहयोग मिला है और दोनों देश 'स्ट्रेटजिक पार्टनर' के रूप में स्थापित हुए हैं।

उप्र में रूस की मदद से शुरू हुए प्रोजेक्ट

उन्होंने कहा कि रूस के सहयोग से उप्र में 1968 में 'ओबरा' तथा 1971 में 'हरदुआगंज' में सोवियत संघ के सहयोग से 'थर्मल पावर प्लांट' का निर्माण किया गया। रूसी कंपनियों ने टेहरी एवं कोटेश्वर 'हाईड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट' के निर्माण में भी सहयोग किया था।

कृषि एवं 'कॉनट्रैक्ट फार्मिंग' के क्षेत्र में वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) तथा भारतीय कृषि अनुंसधान परिषद (आईसीएआर) जैसी शीर्षस्थ शोध एवं विकास संस्थाएं भारत में स्थापित हैं और इन संस्थाओं की विशेषज्ञता एवं मार्गदर्शन से सुदूर पूर्वी रूस में कृषि चुनौतियों को दूर कर कृषि के विकास का रोड मैप तैयार किया जा सकता है।

भारत पशुधन के मामले में पहले स्थान पर

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत पशुधन के क्षेत्र में विश्व में प्रथम स्थान पर है। देश में पशुधन विकास को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उप्र में दुग्ध आधारित मूल्य संवर्धन एवं 'वैल्यू चेन' के लिए आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए प्रभावी उपाय लागू किए गए हैं और किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल रहा है।

खाद्य प्रसंस्करण सेक्टर को दिया जा रहा बढ़ावा

देश में खाद्य प्रसंस्करण के स्तर को बढ़ाने, जन सामान्य को निरन्तर शुद्ध एवं पौष्टिक खाद्य प्रदार्थ उपलब्ध कराने, तुड़ाई उपरांत क्षति को कम करने और किसानों के उत्पाद के उचित मूल्य की प्राप्ति के उद्देश्य से देश में विशाल मात्रा में 'मेगा फूड पार्क' तथा 'कोल्ड चेन' बनाये जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार की तकनीकी कुशलता एवं संसाधनों के प्रबंधन की जो विधा हमारे यहां निवेशक अपनाते हैं, वह निश्चित रूप से सुदूर पूर्वी रूस में बेहतर उत्पादन एवं निवेश का सुनहरा अवसर प्रदान करेगा।

उप्र सौर ऊर्जा सेक्टर में अग्रणी

उन्होंने कहा कि उप्र 'ऑफ-ग्रिड विकेन्द्रीकृत सौर प्रणाली संयंत्रों' यथा सोलर स्ट्रीट लाईट, सोलर आर.ओ. वाटर प्लांट, सोलर पावर पैक, सोलर मिनी-ग्रिड पावर प्लांट एवं सोलर हाई-मास्ट की स्थापना में अग्रणी है। यह सुदूर पूर्वी रूस के क्षेत्रों में सस्ती विद्युत आपूर्ति में कारगर साबित हो सकते हैं।

हिन्दुस्थान समाचार


 
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