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अलकायदा के निशाने पर कश्मीर

06/08/2019

अलकायदा के निशाने पर कश्मीर


श्मीर में मुजाहिद्दीन को केवल भारतीय सेना और सरकार पर हमला करना चाहिए। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था कमजोर होगी। उसे कामगारों और सामानों की कमी होगी। करीब दो मिनट के वीडियो में अल जवाहिरी ने यही कहा है। वह इस्लाम के नाम पर कश्मीर घाटी में सक्रिय आतंकियों को हिंसा के लिए उकसाता है। वीडियो में जवाहिरी के एक ओर बंदूक है तो दूसरी ओर कुरान। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां के मुसलमानों को एक हाथ में कुरान तो दूसरे में कंप्यूटर देना चाहते हैं। जवाहिरी का धमकी भरा यह वीडियो संदेश गृहमंत्री अमित शाह के शांतिपूर्ण कश्मीर दौरे के बाद आया है। जो उसकी बौखलाहट दिखाता है। लंबे समय बाद गृहमंत्री के दौरे पर कश्मीर बंद नहीं हुआ। गृहमंत्री वहां के कई स्थानीय लोगों और पंचायत प्रतिनिधियों से मिले। स्थानीय लोगों ने भी उनका स्वागत किया। यहां तक कि अलगावादी नेताओं ने भी कोई भड़काऊ बयान नहीं दिया। इस कारण भी आतंकी संगठन में घबराहट है।

गृहमंत्री अमित शाह का कश्मीर दौरा कई मामलों में महत्वपूर्ण है। पहले अलगाववादी संगठन भारत सरकार के किसी बड़े नुमाइंदे का कश्मीर दौरा होने पर पूरी घाटी को बंद कराते थे। इस बार ऐसा कुछ नहीं हुआ। इसकी मुख्य वजह कश्मीर पर गृहमंत्री अमित शाह का साफ और स्पष्ट नीति का होना। वे आतंकियों से कड़ाई से निपटने को लेकर कृतसंकल्प हैं। वहीं आम लोगों के लिए विकास उनका मुख्य मकसद है। अमित शाह के दौरे के दौरन घाटी में कहीं हिंसा नहीं हुई। इसका सीधा अर्थ है कि आतंकियों और अलगाववादियों में भी उनको लेकर खौफ है। यही कारण रहा कि उनके दौरे के कुछ दिनों बाद घाटी में पैर जमाने की कोशिश कर रहे अलकायदा प्रमुख जवाहिरी को धमकी भरा बयान देना पड़ा। ताकि वे घाटी में आम लोगों के बीच भय और आंतकियों का मनोबल ऊंचा कर सकें। मगर जवाहिरी अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सका। इसका सबसे असरदार उदाहरण जवाहिरी के धमकी के अगले दिन देखने को मिला। धमकी के दूसरे दिन ही घाटी में सेना भर्ती में स्थानीय युवाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।

भारतीय सेना की भर्ती बारामूला में चल रही है। यह 16 जुलाई तक चलेगी। सेना के एक अधिकारी के मुताबिक 5500 कश्मीरी युवा भारतीय सेना में भर्ती होने के लिए पहुंचे हैं। भर्ती में शामिल होने आए एक युवा ने मीडिया से कहा कि कश्मीर में बहुत बेरोजगारी है। भारतीय सेना में भर्ती होकर हम बेरोजगारी खत्म करेंगे। इन युवाओं में में जवाहिरी की धमकी का कोई असर नहीं दिखा। दरअसल, आतंकी संगठन अलकायदा तेजी से कश्मीर घाटी में अपने पैर जमाने की कोशिश में है। अलकायदा जम्मू कश्मीर में सक्रिय आतंकी संगठन अंसार उल गजवत हिन्द (जाकिर मुसा ग्रुप) से हाथ मिला कर सेना के खिलाफ हमले कर रहा है। जवाहिरी की धमकी से तीन दिन पहले कश्मीर में सक्रिय अल कायदा और अंसार उल गजवत के नए चीफ हामिद लेलहारी ने भी एक आॅडियो बयान जारी किया था। जिसमें उसने कश्मीर में सभी जेहादियों को एक साथ आने के लिए कहा था।

हमीद का यह बयान तब आया था, जब कुछ दिन पहले घाटी में आतंकी संगठनों के बीच आपसी खूनी जंग हुई थी। जाकिर मूसा के सेना के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद अंसार उल गजवत हिन्द ने हमीद लेलहारी उर्फ हारून अब्बास को ही अपना नया चीफ बनाया है। इन दोनों बयान पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रविश कुमार ने कहा कि सुरक्षा बल पूरी तरह से मुश्तैद हैं। ऐसी धमकी मिलती रहती है।


 
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