उज्जवल शर्मा
शिमला, 06 मार्च (हि.स.)। कोरोना महामारी के चलते हिमाचल में दो साल के लिए निलंबित की गई विधायक विकास निधि पूर्ण रूप से बहाल कर दी गई। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शनिवार को विधानसभा में बजट पेश करते हुए अगले वितीय वर्ष 2021-22 के लिए विधायक निधि को बहाल करने की घोषणा की है। बजट में विधायक निधि को 1.75 करोड़ से बढ़ाकर 1.80 करोड़ किया गया है। इस निधि से अब विधायक महिला मंडलों, युवक मंडलों, स्वयं सहायता समूह को अधिकतम 50 हजार रुपये दे सकेंगे। मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में कहा कि इस निधि से विधायक क्षेत्र के विकास संबंधी जरूरतों को पूरा कर सकेंगे। सकेंगे। कोरोना संक्रमण के कारण विधायकों का वेतन व मानदेय बहाल करने की भी मुख्यमंत्री ने घोषणा की। 

मुख्यमंत्री ने बजट में एसएमसी शिक्षकों और आउटसोर्स पर सेवारत आईटी शिक्षकों के मासिक मानदेय में 500 रूपये बढ़ौतरी करने की घोषणा की है। इसी तरह मिड डे मील वर्करों, सिलाई अध्यापकों व पंचायत चैकीदारों, वाटर गार्डों व पैराफीटरों का मानदेय 300 रूपये बढ़ा गया है। आशा वर्करों का मानदेय 700 रूपये बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की मांगों पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय कमेटी गठित करने का एलान किया है। बजट में शिक्षा क्षेत्र पर 8024 करोड़ रूपये और स्वास्थ्य क्षेत्र में 3016 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। बजट में 70 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों व आश्रमों में रह रहे अनाथ बच्चों को हिमकेयर योजना के तहत मुफत पंजीकरण होगा। बजट में नवगठित 412 पंचायतों में चरणबढ़ तरीके से पंचायत घरों का निर्माण करने का भी एलान किया है। 

मुख्यमंत्री ने दूध खरीद मून्य दो रूपये बढ़ाने, 100 नई ट्राउट इकाइयों और किसानों की आय दोगुणा करने के लिए एक्सपर्ट गु्रप का गठन करने का एलान किया है।

हिन्दुस्थान समाचार
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