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कांटे की टक्कर में कर्नाटक ने मारी बाजी

24/12/2019

कांटे की टक्कर में कर्नाटक ने मारी बाजी

मोहम्मद शहजाद

घरेलू स्तर पर खेले जाने वाले टी-20 के एक रोचक मुकाबले में कर्नाटक ने तमिलनाडु पर जीत दर्ज कर सैय्यद मुश्ताक अली ट्रॉफी अपने नाम कर ली। खेल के इस 11वें संस्करण में राज्यों की कुल 38 टीमों ने हिस्सा लिया था।

हार-जीत खेल का हिस्सा है लेकिन इसमें कांटे की टक्कर सबको रोमांचित करती है। फिर अगर यह सख्त मुकाबला किसी महत्वपूर्ण टूर्नामेंट के फाइनल मैच में देखने को मिल जाए, तो कहने ही क्या। इस लिहाज से सैय्यद मुश्ताक अली टी-20 ट्रॉफी का खिताबी मुकाबला काफी दिलचस्प रहा। मैच के आखिरी क्षण तक कर्नाटक और तमिलनाडु की टीमों में जबरदस्त संघर्ष देखने को मिला। भाग्य कभी इस टीम के पक्ष में तो कभी उस टीम के पक्ष में पेंडुलम की तरह झूलता रहा। इस रस्साकशी में जीत कर्नाटक की हुई और उसने महज एक रन के मामूली अंतर से खिताब अपने नाम कर लिया। सैय्यद मुश्ताक अली ट्रॉफी में वैसे तो लगभग सभी राज्यों समेत दीगर घरेलू टीमों ने जोर-आजमाइश की, लेकिन फाइनल मुकाबला दक्षिण भारत की दो कद्दावर टीमों के दरमियान रहा।
सूरत के लालभाई कांट्रैक्टर स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में कर्नाटक ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 5 विकेट के नुकसान पर 180 का विशाल स्कोर खड़ा किया। सलामी बल्लेबाजों के.एल. राहुल (22 रन) और देवदत्त पड्डीकल (32) ने कर्नाटक को अच्छी शुरुआत दी, लेकिन असल कारनामा तो कप्तान मनीष पांडे ने अंजाम दिया। उन्होंने 45 गेंदों में 60 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली। इसमें उन्होंने दो छक्के और चार चौके जड़े। उनके अलावा रोहन कदम ने 35 रनों का महत्वपूर्ण योगदान दिया। तमिलनाडु की तरफ से रविचंद्रन अश्विन और मुरूगन अश्विन ने दो-दो विकेट लिए तो वहीं वाशिंगटन सुंदर को एक विकेट मिला।
181 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरे तमिलनाडु के सलामी बल्लेबाज नाकाम रहे। वाशिंगटन सुंदर (24 रन) और अनुभवी दिनेश कार्तिक (20 रन) ने टिककर खेलने का प्रयास जरूर किया लेकिन बड़ा स्कोर खड़ा करने में वे भी नाकाम रहे। उसके बाद विजय शंकर (44 रन) और बी. अपराजित (40 रन) ने सूझबूझ भरी पारी खेलते हुए तमिलनाडु की टीम को मैच में वापिस ला दिया। अंतिम ओवर में 13 रन बनाने की मुश्किल को रविचंद्रन अश्विन ने दो चौके जड़कर काफी आसान भी कर दिया था, लेकिन तभी दुर्भाग्यवश विजय शंकर रन आउट हो गए। मनीष पांडे का कमाल का थ्रो उनकी पारी की अंत की वजह बना। इस तरह मैच के अगले ही दिन सात फेरे लेकर जीवन की नई पारी की शुरुआत करने वाले मनीष पांडे ने अपनी खुशियों को दोगुना किया। अंतिम गेंद पर तमिलनाडु को जीत के लिए तीन रन चाहिए थे, लेकिन विजय शंकर की जगह आए मुरूगन अश्विन महज एक रन ही स्कोर कर सके। इस तरह सांसे रोक देने वाले इस खिताबी मैच को कर्नाटक ने महज एक रन से जीत लिया।
कर्नाटक की तरफ से आरजी मोरे ने दो विकेट, तो वहीं के. गौतम, एस. गोपाल और और जे. सुचित ने एक-एक विकेट लिए। कर्नाटक सैय्यद मुश्ताक अली टी-20 ट्रॉफी की गत चैम्पियन भी रहा है। इस तरह टीम ने न केवल अपने इस खिताब की सफलतापूर्वक रक्षा की, बल्कि इसके इतिहास में लगातार दो बार ट्रॉफी जीतने वाली पहली टीम बन गई है। ज्ञात हो कि इसी साल अक्टूबर में सीमित 50 ओवरों की विजय हजारे ट्रॉफी में भी कर्नाटक ने तमिलनाडु को हराया है। इस तरह एक ही सीजन में इन दोनों प्रतिष्ठित टूर्नामेंट जीत कर भी उसने नया इतिहास रच डाला। गौरतलब है कि सैय्यद मुश्ताक अली ट्रॉफी घरेलू स्तर पर खेला जाने वाला टी-20 मुकाबला है। 8 नवंबर से 1 दिसंबर 2019 तक चले इसके 11वें संस्करण में राज्यों समेत घरेलू क्रिकेट खेलने वाली कुल 38 टीमों ने हिस्सा लिया।
पांच ग्रुपों में हुए लीग मैचों के आधार पर ग्रुप ‘ए’ से बड़ौदा और कर्नाटक, ग्रुप ‘बी’ से तमिलनाडु और राजस्थान, ग्रुप ‘सी’ से महाराष्ट्र और पंजाब, ग्रुप ‘डी’ से मुंबई और हरियाणा, ग्रुप ‘ई’ से दिल्ली और झारखंड ने सुपरलीग में जगह बनाई। इसमें से हरियाणा, कर्नाटक, राजस्थान और तमिलनाडु ने सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई किया। पहले सेमीफाइनल में कर्नाटक ने हरियाणा को 8 विकेट तो वहीं तमिलनाडु ने राजस्थान को 7 विकेटों के बड़े अंतराल से हराकर फाइनल में जगह पक्की की थी। खिलाड़ियों की बात करें तो कर्नाटक के देवदत्त पड्डीकल ने टूर्नामेंट में सबसे अधिक 580 रन बनाए, तो वहीं तमिलनाडु के आर. साई किशोर ने सर्वाधिक 20 विकेट लिए।


 
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