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विश्व की शार्पेस्ट आई कोर्टोसैट-3

11/12/2019

विश्व की शार्पेस्ट आई कोर्टोसैट-3

युगवार्ता डेस्क

भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र दिनोंदिन सफलता के नए मानक स्थापित कर रहा है। इसी क्रम में इसरो ने पीएसएलवी-सी 47 रॉकेट की सहायता से कोर्टोसैट-3 उपग्रह को श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सफलतापूर्वक प्रक्षेपित कर एक और कीर्तिमान अपने नाम किया। गौरलतब है कि इस उपग्रह को पृथ्वी के ऊपर 509 किलोमीटर की ऊंचाई पर सूर्य तुल्यकालिक कक्षा में स्थापित किया गया है। इसका भार 1625 किलोग्राम है। कोर्टोसैट-3 कोर्टोसैट श्रृंखला का नौवां उपग्रह है।
इस सीरीज का पहला उपग्रह साल 2005 में प्रक्षेपित किया गया था। सफलतापूर्वक स्थापित होने के बाद कोर्टोसैट-3 इसरो के टेलीमेट्री ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क के नियंत्रण में है। यह उपग्रह भारत की आंख साबित होगा क्योंकि कोर्टोसैट-3 के प्रत्येक कैमरे में 25 सेंटीमीटर के ग्राउंड रेजोल्यूशन की क्षमता है। यानी इसके जरिए पृथ्वी पर उपस्थित किसी वस्तु के न्यूनतम हिस्से को भी 500 किलोमीटर की दूरी से साफ-साफ देखा जा सकेगा। बता दें कि इस समय केवल अमेरिकी उपग्रह वर्ल्डव्यू-3 ही है जिसकी ग्राउंड रिजोल्यूशन क्षमता सर्वाधिक 31 सेंटीमीटर है। इसके अलावा यह उपग्रह कई अत्याधुनिक नई तकनीकों से लैस है।
इसमें उच्च क्षमता के घुमावदार कैमरे, हाई स्पीड डेटा ट्रांसमिशन तथा एडवांस कंप्यूटिंग सिस्टम हैं। यानी अपना यह उपग्रह रिमोट सेंसिंग के मामले में विश्व में सर्वश्रेष्ठ साबित होगा। इससे कई जानकारी सटीकता के साथ हासिल की जा सकेगी। जिसकी वजह से हमारे सशस्त्र बलों की ताकत में और इजाफा होगा।


 
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