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रामविलास ने गिनाये 100 दिन में मोदी सरकार के बड़े निर्णय

11/09/2019

फैजान अहमद

पटना, 11 सितम्बर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार के 100 दिनों में लिये गए बड़े निर्णयों की जानकारी देते हुए केन्द्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री राम विलास पासवान ने बुधवार को कहा कि जितने भी निर्णय लिये गए वह साहसिक और देश और जनता के हित में हैं। चाहे वह जम्मू व कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने का निर्णय हो या नया कंज्यूमर प्रोटेक्शन बिल का पार्लियामेंट से पास होना हो। पासवान ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सब का साथ, सब का विश्वास का जो नारा दिया है, उसे पूरा करना सबसे बड़ा चैलेंज है।

उन्होंने कहा कि अभी भी समाज में ऐसे लोग हैं, जिन्हें बरगलाया जाता है और झूठे प्रचार के सहारे भड़काने की कोशिश होती रहती है। जब सरकार आतंकवाद से लड़ रही है तो समाज के कुछ तबकों को यह समझाया जाता है कि उनको खत्म करने की प्लानिंग चल रही है। पासवान ने मुस्लिम समाज से खास तौर पर अपील की कि वह दुष्प्रचार से बचें और जो ताकतें उन्हें गुमराह कर रही है, उनसे भी बचें। उन्होंने दावा किया कि नरेन्द्र मोदी की सरकार सेकुलरिज्म का नारा लगाने वाली सरकारों से सौ गुना अधिक और अच्छा काम कर रही है।

देश में मंदी के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने कहा कि मंदी केवल भारत में नहीं बल्कि पूरी दुनिया में है लेकिन यह एक टेम्पररी फेज है और कुछ दिनों में हालात बेहतर हो जाएंगे। उन्होंने याद दिलाया कि पहले तो ऐसा भी हुआ था कि सोना गिरवी रखा था। उन्होंने बताया कि बाढ़ के कारण कुछ जगहों पर प्याज का दाम बढ़ा हुआ है। केन्द्रीय मंत्री ने नया कंज्यूमर प्रोटेक्शन बिल पार्लियामेंट के दोनों सदनों से पास हो गया है और उसको राष्ट्रपति का अनुमोदन भी मिल चुका है। अगले 30 दिसम्बर तक उसके रूल तैयार हो जाएंगे। कंज्यूमर कोर्ट बने रहेंगे लेकिन अब कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी की नियुक्ति होगी।

उन्होंने कहा कि वन नेशन वन राशन कार्ड पर काम तेजी से चल रहा है और 14 राज्यों में लागू हो गया है। इसके तहत किसी भी राज्य का बना हुआ राशनकार्ड किसी भी दूसरे राज्य में इस्तेमाल हो सकता है और राशन उठाया जा सकता है। सिंगल यूज प्लास्टिक से देश को मुक्त करने के संकल्प को दोहराते हुए पासवान ने कहा कि बोतल बंद पानी और दूसरे पदार्थ के लिए विकल्प तलाशने के लिए उन्होंने विभिन्न मंत्रालयों के अधिकारियों और मैन्युफैक्चरर की मीटिंग बुलाई थी और उन्हें तीन दिन का समय दिया गया है कि विश्वसनीय और सस्ता विकल्प का सुझाव दें जिन्हें हाई लेवल समिति को भेजा जायेगा।

हिन्दुस्थान समाचार 


 
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