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दारा शिकोह भारत की समन्यवादी परंपरा के सच्चे प्रतिनिधि : डॉ. कृष्ण गोपाल

11/09/2019

अनूप/सुफल

नई दिल्ली, 11 सितम्बर (हि.स.)। मुगल शहजादे दारा शिकोह का जीवन और दर्शन ‘नए भारत’ में ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ को अमलीजामा पहनाने का सशक्त माध्यम बन सकता है। दारा शिकोह के विचारों को नए सिरे से अध्ययन करने और आत्मसात करने की आवश्यकता है।

ये विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहसरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल के हैं। बुधवार को संघ नेता ने कहा कि दारा शिकोह ने भारत की संस्कृति और दर्शन का बहुत परिश्रम के साथ गहन अध्ययन और मनन किया था। दारा शिकोह सभी दिशाओं से अच्छे विचार आत्मसात करने के हामी थी। इस अर्थ में वह भारत की समन्यवादी परंपरा के सच्चे प्रतिनिधि थे।

दरअसल, कट्टरपंथी और असहिष्णु मुगल शासक औरंगजेब की हिन्दू विरोधी दमनकारी नीतियों के खिलाफ संघर्ष करने वाले दारा शिकोह के संदेश के बारे में राजधानी में बुधवार को एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहसरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल, केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी, राष्ट्रवादी विद्वानों और वक्ताओं ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि दारा शिकोह के विचार ‘एकम सत्य बहुधा विप्रा वदन्ति’ के वैदिक संदेश पर आधारित थे। भारत की परंपरा विचार और विरासत में सबको साथ लेकर चलने की क्षमता है।आत्मसात करने की इसी क्षमता के कारण हूणयूनानी और अरब आक्रमणकारी भारत में घुल-मिल गए। भारतीय संस्कृति में अलगाववादी विचारों के लिए कोई स्थान नहीं है। भारत का ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ सभी लोगों के लिए सुख शांति की कामना करता है।

डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि यदि औरंगजेब की बजाय दारा शिकोह देश के शासक बनते तो इतिहास कुछ अलग ही होता। बहुसंख्यक हिन्दू समाज के सामने इस्लाम का दूसरा ही रूप उभरकर सामने आता। उन्हेांने कहा कि सूफी इस्लाम के ‘तजाबुफ’ और हिन्दू धर्म के ‘अद्वैत’ में समानता है। दारा शिकोह वह पहले इस्लामी विद्वान थे जिसने हिन्दू धर्म और इस्लाम की इस समानता को पहचाना था। अब समय आ गया है कि दारा शिकोह को नए सिरे से पढ़ा जाए और परिभाषित किया जाए।

संगोष्ठी का विषय था ‘भारत की समन्वयवादी परंपरा के नायक दारा शिकोह’। संगोष्टी का आयोजन ‘एकेडमिक्स फॉर नेशन’ नामक संस्था ने किया था, जिसमें आरएसएस की ओर झुकाव रखने वाले बुद्धिजीवी और कार्यकर्ता शामिल हैं। मुस्लिम समुदाय को अपने साथ जोड़ने के लिए संघ दारा शिकोह को एक नायक के रूप में उजागर कर रहा है। इसी क्रम में आयोजित इस संगोष्ठी में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी भी मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार 


 
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