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ललई छठ: संतान की लम्बी आयु के लिए श्रीकृष्ण व बलराम की माताओं ने की पूजा

09/08/2020

दयाशंकर गुप्ता
सुल्तानपुर, 09 अगस्त (हि.स.)। संतान की लम्बी उम्र के लिए माताओं ने घर में ही प्रतीकात्मक तालाब बना कर ललही छठ का व्रत रखा। इस मौके पर भगवान श्रीकृष्ण और बलराम की पूजा अर्चना कर  संतान के दीर्घायु की प्रार्थना की। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को भगवान श्री कृष्ण के बड़े भाई बलराम का जन्मदिन है।

बलराम के जन्मोत्सव श्रावण पूर्णिमा के 6 दिन बाद अनेक नामों से जैसे चंद्रषष्ठी, बलदेव छठ या रंधनषष्ठी के नाम से मनाया जाता है। आज के दिन महिलाएं संतान प्राप्ति तथा संतान की रक्षा व लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं। सामान्यतया यह पूजा तालाब के स्वच्छ पानी या नदी के किनारे की जाती हैं, लेकिन वर्तमान विषम परिस्थिति में माताओं ने घर पर ही किसी बड़े पात्र में प्रतीकात्मक तालाब बना कर खूबसूरत सजावट करके उसी में पूजा की सारी औपचारिकताए पूरी की हैं।

ज्योतिषाचार्य व नगर के चौक स्थित हनुमानगढ़ी के पुजारी पंडित रमाकांत पांडे ने बताया कि आज ललही छठ का पूजन दिन भर किया जा सकता है। भद्रा आदि का कोई योग नहीं है। इस पूजन में कुश, महुआ, पलाश का पत्ता, किन्नी चावल, मीठा ,मिट्टी का छोटा कुल्लहड, सूखा महुआ, भुना बाजरा, चना चावल, मटर, सुपारी, नारियल, दूध, सिंदूर, फल और फूल आदि एकत्रित कर महिलाओं ने पूजा संपन्न की है।
 
अलका जयपुरिया ने बताया कि अपने इकलौते पुत्र श्रीधर के लिए अनुष्ठान किया, जिसमें पहले तालाब बना लोटे में कुश और महुआ का पौधा लगाया पान के पत्ते पर गौर को स्थापित किया। 

हिन्दुस्थान समाचार


 
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