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बैंक फ्रॉड के आरोप में पंजाब पुलिस की साइबर सेल ने दो लोगों को किया गिरफ्तार

30/01/2020

- एनआरआई के खाते से उड़ाए दो करोड़ रुपये
- इवेंट मैनेजमेंट की आड़ में साइबर क्राइम को देते थे अंजाम
मुकेश
लुधियाना, 30 जनवरी (हि.स.)। नेटवर्किंग के जरिए बैंकों से करोड़ों रुपये का फ्रॉड करने के आरोप में पंजाब पुलिस की साइबर सेल की टीम ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों की पहचान लुधियाना के शिमलापुरी निवासी राजीव शर्मा और दीपक कुमार गुप्ता के रूप में हुई है। जबकि तीसरा आरोपित नितिन कुमार पुलिस गिरफ्त से बाहर है। पुलिस ने आरोपितों से 10 लाख रुपये की नकदी, कई एटीएम कार्ड व अन्य सामान बरामद किए हैं। आरोपितों के खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी करने तथा आईटी एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। आरोपितों को गुरुवार को कोर्ट में पेश करने के बाद पांच दिन की रिमांड पर लिया गया है। 
इंस्पेक्टर भगवंत सिंह ने बताया कि एचडीएफसी बैंक के एक ऑफिसर विजय कुमार ने ब्यूरो ऑफ इंवेस्टीगेशन को शिकायत दी थी कि किसी ने नेटवर्किंग के जरिए एनआरआई आकाश भाटिया के खाते से दो करोड़ रुपये निकाल लिए हैं। इस मामले में जांच के बाद पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि आरोपित बैंक के मुलाजिम से मिलकर बड़ी रकम वाले खातों की जानकारी लेते थे। इस मामले में भी आरोपितों ने डिटेल लेने के बाद किसी बैंक मुलाजिम की सहायता से उसके मोबाइल नंबर व ईमेल बदलवा दिया। फिर आरोपितों ने चिप वाले ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, होलो ग्राम वाले आईडी कार्ड तैयार करवाए। इन्हीं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर केवाईसी कराकर बैंक खाते भी खुलवाए। आरोपित लोगों को दिखाने के लिए इवेंट मैनेजमेंट का काम करते थे। उसकी आड़ में ही आरोपितों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खुलवाए गए पांच खातों में से 2 करोड़ रुपये अलग-अलग एटीएम और चेक के जरिए निकलवा लिए। आरोपित राजीव के खिलाफ कई राज्यों में धोखाधड़ी के चार और दीपक के खिलाफ दो मामले दर्ज है। पूछताछ के दौरान आरोपितों ने बताया कि उनकी तीनों की आपस में मुलाकात जेल में हुई थी और जेल से छूटते ही आरोपितों ने फिर अपना गैंग बना लिया और नेटवर्किग के जरिए वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया। पुलिस रिमांड में आरोपितों से अन्य साथियों के बारे में भी पूछताछ की जा रही है।

हिन्दुस्थान समाचार


 
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