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अकबर की जीवनी पर आधारित अल्लाहु-अकबर पुस्तक पर हुआ विवाद

10/08/2020

- राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग से किताब पर प्रतिबंध लगाने की मांग

एम ओवैस
नई दिल्ली, 10 अगस्त (हि.स.)। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग में मुगल बादशाह अकबर की जीवनी पर आधारित किताब ’अल्लाहु-अकबर’ को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई है। यह किताब मनु मुग्धा शर्मा ने लिखी है। वह एक अंग्रेजी अखबार में उप संपादक के पद पर कार्यरत हैं इस पुस्तक का प्रकाशन बुलूम्सबरी पब्लीकेशन इंडिया प्रराइईवेट लिमिटेड ने की है। यह पुस्तक हाल ही में बाज़ार में आई है। इस किताब पर विवाद सिर्फ इसके टाइटल को लेकर खड़ा हुआ है।

मुगल बादशाह अकबर की जीवनी पर आधारित इस किताब के टाइटल पर विवाद को लेकर अधिवक्ता मसरूर सिद्दीकी ने कहा कि मुग्धा शर्मा ने बादशाह अकबर की ज़िंदगी पर किताब लिखी है, जिसके टाईटल से मुस्लिम समाज को दुख पहुंचा है। उन्होंने कहा कि जब यह किताब एक इंसान की जीवनी पर लिखी गई है तो उसका टाइटल अल्लाहु-अकबर नहीं होना चाहिए। मसरूर सिद्दीकी ने कहा कि अल्लाहु-अक़बर इसलाम धर्म के मानने वालों पर फर्ज की गई पांच वक्त की नमाज पढ़ने से पहले मस्जिदों से दी जाने वाली अज़ान का हिस्सा है। यह तकबीर है जिसका मतलब है कि ’अल्लाह सब से बड़ा और अज़ीम है, उससे बड़ा कोई नहीं है।
 
उन्होंने ने बताया कि उक्त किताब का टाइटल अल्लाहु-अकबर रखकर अकबर बादशाह की तुलना अल्लाह से की गई है. जिससे मुस्लिम समाज की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचती है। उन्होंने कहा कि मैंने इस सम्बंध में किताब के लेखक से ऐतराज़ दर्ज करा दिया गया है और कह दिया है कि वो इस टाइटल को बदलने पर विचार करें, क्योंकि इससे  मुस्लिम समाज की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंची है। मसरूर सिद्दीकी ने कहा कि उन्होंने इस सिलसिले में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य आतिफ रशीद से पुस्तक पर प्रतिबंध लगाने के लिए लिखित शिकायत की गई है और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग इस मामले को गंभीरता से देख रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार


 
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