योगी सरकार के तीन साल


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योगी सरकार के तीन साल


तीन साल पहले सूबे की बागडोर संभालने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज जब अपनी सरकार की उपलब्धियां बताते हैं तो उनका आत्मविश्वास साफ देखा जा सकता है। योगी आदित्यनाथ ने सत्ता ऐसे समय में संभाली थी, जब अखिलेश यादव के ‘काम बोलता है’ को जनता ने एक सिरे से खारिज कर भाजपा को प्रचंड बहुमत देकर उसका सत्ता का वनवास खत्म किया था। गोरक्षपीठाधीश्वर को उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य का मुख्यमंत्री बनाना न सिर्फ विपक्ष बल्कि भाजपा के ही कई नेताओं को हजम नहीं हो रहा था। यूं तो योगी आदित्यनाथ 1998 में 26 वर्ष की उम्र में ही सांसद बन गए थे, लेकिन उन्हें शासन का कोई अनुभव नहीं होने के कारण लोगों के मन में कई शंकायें थीं। हालांकि कुर्सी संभालते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिस तरह सधे हुए कदमों से आगे बढ़े और शासन किया, उसका असर साफ देखने को मिल रहा है।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अपने कार्यकाल के तीन साल पूरे कर लिये हैं। सरकार की ओर से इस दौरान जारी रिपोर्ट कार्ड की मानें तो उत्तर प्रदेश ‘उत्तम प्रदेश’ बनने की राह पर सरपट दौड़ रहा है। क्या वाकई इन तीन सालों में सूबे की तस्वीर बदली है या विपक्ष की इस बात में दम है कि सरकार पूरी तरह विफल रही है? योगी सरकार के तीन सालों की उपलब्धियों व आरोपों की पड़ताल करती इस बार की आवरण कथा।

उन्होंने न सिर्फ परिवारवाद की सियासत से प्रदेश को मुक्ति दिलायी, बल्कि जनप्रतिनिधियों से लेकर नौकरशाही को भी अनुशासन का पाठ पढ़ाया। सरकार अलग- अलग विभागों के 250 से ज्यादा अफसरों और कर्मचारियों को जबरन सेवानिवृत कर चुकी है। इसके साथ ही 450 से ज्यादा अफसरों, कर्मचारियों को निलंबन और पदावनति जैसे दंड भी दिए गए हैं। इस तरह विभिन्न महकमों के 700 से ज्यादा अफसरों और कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के खिलाफ चाबुक चलाते हुए गाज गिरी है। प्रदेश में अवैध बूचड़खानों पर तालाबंदी के साथ अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस को खुली छूट देकर उन्होंने सख्त संदेश दिया। उनसे पहले रहे मुख्यमंत्री कुर्सी जाने के अंधविश्वास से नोएडा जाने के बारे में सोचने से भी कतराते थे, लेकिन योगी आदित्यनाथ ने इस मिथक को भी एक नहीं बार-बार तोड़ा।

परसेप्शन बदलने में मिली कामयाबी: योगी आदित्यनाथ

हमने उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को ‘विकास’ और ‘विश्वास’ में बदलने में सफलता प्राप्त की है। हमें सभी चुनौतियों को अवसर में बदलने में सफलता मिली है। इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में हमने कुछ नए प्रतिमान स्थापित किए हैं। अपार संभावनाओं वाले उत्तर प्रदेश में ‘इंवेस्टर्स समिट’ के माध्यम से रोजगार और निवेश के कार्यक्रमों का आरंभ किया गया। निवेश की इन संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश में 21 फोकस सेक्टर की नीति का कार्यक्रम बनाया गया। जेवर एयरपोर्ट को दुनिया की सौ सर्वश्रेष्ठ परियोजनाओं में शामिल कराने में प्रदेश सरकार को सफलता प्राप्त हुई है। यह प्रमाण है कि परसेप्शन बदला है, जनता के विश्वास की बहाली हुई है। मुख्यमंत्री का दावा है कि प्रदेश को विश्वास और विकास के एक नए दौर में ले जाने में सफलता मिली है। प्रदेश में इंटर स्टेट कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए प्रदेश के हर जिले और तहसील मुख्यालय को 4-लेन कनेक्टिविटी से जोड़ने के कार्यक्रम बने और एयर कनेक्टिविटी को बेहतर करने के दृष्टिगत आज 7 एयरपोर्ट फंक्शनल हैं व 11 नये एयरपोर्टों पर कार्य जारी है। आज पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का कार्य युद्धस्तर पर हो रहा है और 40 प्रतिशत से भी अधिक कार्य हो चुका है। इस वर्ष के अंत तक उसे जनता के लिए खोल दिया जाएगा। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर कार्य तेजी से प्रारंभ हुआ है और यह अगले वर्ष के अंत तक जनता के लिए खुल जाएगा। तीनों एक्सप्रेस-वे इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की इकोनॉमी को नई ऊंचाइयां प्रदान करने जा रहे हैं।

इसके अलावा केन्द्र की योजनाओं का सफलतापूर्वक धरातल पर क्रियान्वयन हो या फिर बड़े प्रोजेक्ट को तेज गति से आगे बढ़ाने से लेकर नामी गिरामी भव्य आयोजन, इन सभी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नेतृत्व क्षमता खुलकर सामने दिखी और उन्होंने खुद को साबित कर दिखाया। यही वजह है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर गृह मंत्री अमित शाह तक विभिन्न मौकों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की खुलकर प्रशंसा कर चुके हैं। देश में कोई भी अहम चुनाव हो, योगी आदित्यनाथ का नाम स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल रहता है। गुजरात से लेकर कर्नाटक, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल हर जगह उन्होंने धुंआधार प्रचार किया। किसी अन्य मुख्यमंत्री के मुकाबले उनकी सबसे ज्यादा जनसभाएं हुई। इस तरह योगी आदित्यनाथ ने इन तीन सालों में जहां अपनी सरकार को विकास के मोर्चे पर अग्रणी बनाया वहीं अपना कद बढ़ाने में भी सफल साबित हुए हैं। प्रदेश में भाजपा के इतिहास में योगी आदित्यनाथ पहले मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा किया है।

योगी सरकार पूरी तरह विफल: अजय लल्लू

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू कहते हैं कि सरकार पिछले तीन वर्षों में समाज के किसी भी वर्ग की आशा और आकांक्षा को पूरा करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। किसान, मजदूर, युवा, महिला, दलित, पिछड़ा, आदिवासी, अल्पसंख्यक आदि सारा समाज आता है जो खुद को निराश और हताश महसूस कर रहे हैं। युवा बेरोजगार और परेशान हैं। जीरो टॉलरेंस की बात होती है पर बड़ा-बड़ा भ्रष्टाचार हो रहा है। निवेश की स्थिति बेहद खराब है और सार्वजनिक क्षेत्र की कम्पनियों में बन्दी और घोटाला हो रहा है।

इससे पहले कल्याण सिंह दो बार मुख्यमंत्री रहे और राम प्रकाश गुप्त और राजनाथ सिंह एक-एक बार मुख्यमंत्री रहे, लेकिन कोई अपना तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा नहीं कर सका। योगी सरकार के तीन साल को अवस्थापना विकास के मोर्चे पर देखें तो यूपी को काफी कुछ हासिल हुआ है। कई बड़े प्रोजेक्ट को लेकर जिस तरह तेजी से काम किया जा रहा है, वह उत्तर प्रदेश के नवनिर्माण में बेहद अहम भूमिका अदा करेंगे। प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र के विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा सुलतानपुर, अमेठी और अंबेडकरनगर, अयोध्या के अतिरिक्त आर्थिक रूप से कम विकसित जनपदों आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर को प्रदेश की राजधानी लखनऊ से जोड़ने के लिए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश के विकास का सूर्य साबित होगा।

22494.66 करोड़ की लागत से बनने वाले 340.824 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे को दीवाली में लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। यह एक्सप्रेसवे 6 लेन चौड़ा होगा और इसे 8 लेन भी किया जा सकेगा। आपातकालीन स्थिति में भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों की लैंडिंग व टेक आॅफ करने के लिए सुलतानपुर में 3.2 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी का निर्माण भी हो रहा है। परियोजना के मुख्य कैरिजवे में 18 μलाईओवर, 7 दीर्घ सेतु, 112 लघु सेतु, 5 वायाडक्ट, 489 पुलिया एवं 2202 अंडरपास का निर्माण किया जा रहा है। इस एक्सप्रेस-वे के किनारे औद्योगिक गलियारा बनाया जाएगा। एक्सप्रेस-वे जिन जिलों, नगरों या कस्बों के करीब से होकर गुजरेगा, वहां न केवल तत्काल रोजगार मिलेगा, बल्कि दीर्घकालिक ग्रामीण आर्थिक विकास की बुनियाद भी मजबूत होगी। इससे पूर्वी उत्तर प्रदेश के किसानों और एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) से जुड़े हुनरमंदों को भी काफी लाभ मिलेगा। बेहतर कनेक्टिविटी के जरिये वे अपना उत्पाद आसानी से देश और दुनिया के बाजारों में पहुंचा सकेंगे। प्रदेश में पूर्वांचल और बुंदेलखंड क्षेत्र वर्षों  से उपेक्षा के शिकार रहे हैं, लेकिन प्रदेश सरकार की बदौलत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चित्रकूट में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का शिलान्यास किया है। अब पूर्वांचल के साथ बुंदेलखंड के दिन भी बहुरने वाले हैं। 296.070 किलोमीटर लम्बे बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का इसमे अहम योगदान होगा। इसमें चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन और इटावा लाभान्वित होंगे। यह एक्सप्रेसवे 4 लेन चौड़ा होगा और इसे 6 लेन किया जा सकेगा। इसमें 4 रेलवे ओवर ब्रिज, 14 दीर्घ सेतु, 6 टोल प्लाजा, 7 रैंप प्लाजा, 268 लघु सेतु, 18 μलाई ओवर तथा 214 अंडरपास का निर्माण किया जाएगा। इसका निर्माण कार्य के शुरू होने से लगभग 60 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।

अपनी एक भी योजना लागू नहीं कर सकी योगी सरकार: अखिलेश

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कहते हैं कि भाजपा सरकार विकास के जो बड़े-बड़े दावे कर रही है, उसकी सत्यता भी प्रमाणित करनी चाहिए। प्रचार में भी ईमानदारी होनी चाहिए। झूठा प्रचार नहीं करना चाहिए। उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार जबसे बनी है, अपनी एक भी योजना लागू नहीं कर सकी है। अपने चुनाव घोषणा पत्र में उसने जो संकल्प लिए थे उसके प्रति भी भाजपा ईमानदार नहीं है। राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल के तीन वर्ष पूरे कर लेने पर जिन उपलब्धियों की चर्चा की है वे सब समाजवादी सरकार की देन हैं। भाजपा राज में अपराधी बेखौफ हैं, फर्जी एनकाउण्टर बड़ी तादाद में हुए हैं। बलात्कार, लूट, हत्या की घटनाएं बढ़ी हैं। मुख्यमंत्री यह बताएं कि उन्होंने समाजवादी सरकार की देन आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे, मेट्रो रेल, गोमती रिवरफ्रंट, जेपी इन्टरनेशनल सेंटर, जनेश्वर मिश्र पार्क से बेहतर राजधानी में ही क्या बनाया है? झूठे आंकड़ों से जनता को अब बहकाया नहीं जा सकता है। भाजपा सरकार के पास विकास का न तो कोई विजन है और न ही कोई योजना है। प्रदेश उत्तम प्रदेश बनने के बजाय पिछड़ा और बीमारु प्रदेश बनता जा रहा है।

 

तीन साल में सरकार के दामन पर भ्रष्टाचार का दाग नहीं: स्वतंत्र देव प्रदेश भाजपा अध्यक्ष

स्वतंत्र देव सिंह कहते हैं कि तीन वर्ष पूर्व जनता ने भ्रष्टाचार, जातिवाद, वंशवाद, तुष्टिकरण, साम्प्रदायिक उन्माद, सत्ता संरिक्षत संगठित अपराध की चली आ रही सपा-बसपा की अनवरत परम्परा को नकार कर भाजपा को जनादेश दिया। तब से योगी सरकार जनअपेक्षाओं को पूर्ण करती हुई अंत्योदय के पथ पर आगे बढ़ रही है। योगी जी के नेतृत्व में बदला हुआ उत्तर प्रदेश है जो इंवेस्टर्स समिट व डिफेंस एक्पो से प्रदेश में निवेश का वातावरण तैयार कर आर्थिक समृद्धि के साथ रोजगार के रास्ते भी खोल रहा है। अंधविश्वासों को तोड़ते हुए मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश के हर शहर में पहुंच रहे हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने जा रहा है। बुंदेलखंड और पूर्वांचल का विकास हो रहा है। तीन साल की योगी सरकार के दामन पर भ्रष्टाचार का एक छोटा सा दाग भी नहीं है।

 

गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना को 5876.67 करोड़ (भूमि लागत सहित) लागत से कार्य किया जा रहा है। यह लिंक एक्सप्रेसवे 91.352 किलोमीटर लम्बा होगा। गोरखपुर के जैतपुर बाईपास से लिंक एक्सप्रेसवे शुरू होगा, जो सलारपुर आजमगढ़ में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे में मिलेगा। इससे गोरखपुर, आजमगढ़, अंबेडकरनगर और संत कबीर नगर जनपद लाभान्वित होंगे। परियोजना के लिए विकासकर्ताओं को चयन कर लिया गया है एवं लेटर आॅफ अवार्ड जारी कर दिए गए हैं। परियोजना के लिए आवश्यक भूमि का 77.65 प्रतिशत भू-अर्जन कर लिया गया है। मेरठ से प्रयागराज तक बनने वाले 596 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेस वे परियोजना को धरातल पर उतारने की कवायद तेज हो गई है। इसके लिए सर्वे का काम पूरा हो चुका है और डीपीआर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट की प्रक्रिया भी प्रारंभ हो गई है। 2024 तक इसका निर्माण पूरा हो जाएगा। इससे नये रोजगार का सृजित होंगे। कृषि, उद्योग, हैंडीक्राμट और पर्यटन का विकास होगा। इस एक्सप्रेस-वे से कृषि उत्पादों के परिवहन, फूड प्रोसेसिंग और मार्केटिंग में मदद मिलेगी। दुर्घटनाओं और प्रदूषण में कमी आएगी। चिकित्सा एवं शिक्षा सेवा का विस्तार होगा।

12 एयरपोर्ट पर चल रहा काम

वर्ष 2017 के पहले तक प्रदेश के सिर्फ दो शहर एयर कनेक्टिविटी से जुड़े थे। इस समय 12 नये एयरपोर्टस पर काम चल रहा है। नोएडा में एशिया के सबसे बड़े जेवर इंटरनेशनल ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट पर तेजी के साथ काम चल रहा है। ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी इसका निर्माण कर रही है। एयरपोर्ट के पास एक शहर बसाया जाएगा। यहां घर, दμतर और बाजार सभी आसपास होंगे। क्लीन सिटी-ग्रीन सिटी की थीम पर बसने वाले इस शहर में यूरोपीय देशों का प्रभाव दिखेगा। इस एयरपोर्ट के बन जाने से आने वाले 30 वर्षों में प्रदेश को 1 लाख करोड़ से अधिक रेवेन्यू प्राप्त होगा। यह एयरपोर्ट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ ही औद्योगिक विकास को पंख लगाएगा। इससे 1 लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार मिलेगा।

मेट्रो परियोजना को लगे पंख

कानपुर, झांसी, वाराणसी, आगरा, प्रयागराज, गोरखपुर और मेरठ शहरों के लिए मेट्रो या रैपिड अर्बन ट्रांसपोर्ट कार्य योजना प्रगति पर है। लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना के तहत 23 किलोमीटर कॉरिडोर (अमौसी से मुन्शी पुलिया) पर संचालन प्रारम्भ हो चुका है। लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना के फेज-1 बी की तैयारी शुरू हो गई है। इसमें चारबाग से बसंतकुंज तक मेट्रो चलेगी। कानपुर मेट्रो रेल परियोजना तेजी के साथ शुरू हुई है। इस पर 11076.48 करोड़ की लागत आएगी। इसमें दो कॉरिडोर होंगे, पहला आईआईटी कानपुर से नौबस्ता तक तथा दूसरा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से बर्रा तक। आगरा मेट्रो रेल परियोजना पर 8379.62 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें दो कॉरिडोर होंगे। पहला सिंकदरा से ताज ईस्ट गेट तक और दूसरा आगरा कैंट से कालिंदी बिहार तक।

गोरखपुर में मेट्रो चलाने पर तेजी से काम चल रहा है। यहां भी दो कॉरिडोर बनाए जाएंगे। एक समय था जब उप्र में निवेशक आने से कतराते थे, उन्हें असुरक्षा का डर सताता था, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिस तरह सकारात्मक माहौल बनाया, उसकी बदौलत यूपी निवेशकों की पहली पसन्द बनकर उभरा है। देश की नामी गिरामी कम्पनियों के साथ अंतरराष्ट्रीय कम्पनियां भी यहां खुलकर आ रही हैं। राजधानी लखनऊ में प्रथम और द्वितीय ग्राउण्ड ब्रेकिंग सेरेमनी व अन्य माध्यमों से लगभग तीन लाख करोड़ के निवेश से 33 लाख से अधिक लोगों को रोजगार का मार्ग प्रशस्त हुआ। इसके साथ ही बुंदेलखंड में डिफेंस इंडस्ट्रियल मैन्यूफैक्चरिंग कॉरीडोर का शिलान्यास हो चुका है। 50 हजार करोड़ रुपये के निवेश से बनने वाले इस कॉरीडोर के जरिए 5 लाख लोगों के लिए रोजगार सृजन होगा। इसी तरह देश का सबसे बड़ा डिफेंस एक्सपो 2020 लखनऊ में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इसमें 70 देशों के 3000 से अधिक निवेशकों ने भाग लिया। आयोजन में 200 से अधिक एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर में 50000 करोड़ा का निवेश होगा। इससे पांच लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।

सरकार के पास कहने को कुछ नहीं-मुनकाद अली बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मुनकाद अली

के मुताबिक योगी सरकार के पास कहने को कुछ भी नहीं हैं। इस सरकार में केवल मुख्यमंत्री योगी की तानाशाही चल रही है। न तो विकास का कोई कार्य हो रहा है और न ही युवाओं को रोजगार मिल रहा है। इस शासन में किसान, मजदूर, युवा सभी परेशान हैं।

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