- गुजरात के केविडया में टॉप कमांडर्स‌ एक साथ तैयार करेंगे देश की साझा रणनीति
- आखिरी दिन 06 मार्च को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी टॉप कमांडर्स को संबोधित करेंगे

सुनीत निगम
नई दिल्ली, 04 मार्च (हि.स.)। चीन से नौ महीने तक चले टकराव और फिर डिसइंगेजमेंट के बाद पहली बार गुरुवार को गुजरात के केविडया में तीनों सेनाओं की कम्बाइंड कमांडर्स कॉन्फ्रेंस (सीसीसी) शुरू हुई है। इसमें थलसेना, वायुसेना और नौसेना के टॉप कमांडर्स‌ एक साथ देश की साझा रणनीति और तैयारियों पर चर्चा करेंगे। कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन शुक्रवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और आखिरी दिन 06 मार्च को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तीनों सेनाओं के टॉप कमांडर्स को संबोधित करेंगे। पहली बार इस संयुक्त कमांडरों के सम्मेलन में सशस्त्र बलों के जवान भी हिस्सा ले रहे हैं।

तीन दिवसीय साझा कमांडर्स सम्मेलन में आज पहले दिन का मुख्य एजेंडा तीनों सेनाओं के एकीकरण और थियेटर कमांड बनाने से लेकर डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री एफेयर्स (डीएमए) की कार्यशैली की समीक्षा करना है। इस दौरान तीनों सेनाओं के प्रमुखों सहित सभी 17 कमान के कमांडर्स अपना-अपना प्रजेंटेशन देंगे। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और सैन्य बलों के प्रमुख सीडीएस जनरल बिपिन रावत भी सम्मेलन में मौजूद रहेंगे। पहली बार सीसीसी सम्मेलन में सेना और संचालन के कामकाज से संबंधित मुद्दों पर होने वाली विभिन्न चर्चाओं में जवान और जेसीओ भी हिस्सा ले रहे हैं। सूत्रों ने कहा कि चर्चा में शामिल होने का सुझाव प्रधानमंत्री कार्यालय से ही आया था। सूत्रों ने कहा कि चर्चा में भाग लेने वाले जवानों में जूनियर कमीशन अधिकारी और गैर-कमीशन अधिकारी शामिल होंगे और वे उन्हें दिए गए विषयों पर प्रस्तुतियां देंगे। 

चीन से नौ महीने तक चले टकराव और फिर डिसइंगेजमेंट के बाद पहली बार प्रधानमंत्री मोदी तीनों सेनाओं के टॉप कमांडर्स को सम्मेलन के आखिरी दिन 06 मार्च को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2014 में जब पहली बार सीसीसी को संबोधित किया था तो उन्होंने तीनों सेनाओं को यह सम्मेलन दिल्ली से बाहर करने का सुझाव दिया था। यही वजह है कि इस साल यह सम्मेलन केवडिया में आयोजित किया गया है। उन्होंने अपने पहले सम्मेलन में ही तीनों सेनाओं को साइबर और स्पेस वॉरफेयर के लिए तैयार रहने का आदेश दिया था। इसी का परिणाम है कि देश को अपनी पहली साइबर और स्पेस डिफेंस एजेंसी मिल गई है। इस सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी तीनों सेनाओं को सैन्य और सामरिक दिशा-दशा बताते हैं। साथ ही तीनों सेनाओं की टॉप मिलिट्री लीडरशिप साझा रणनीति तैयार करती हैं।

सालाना होने वाली कम्बाइंड कमांडर्स कॉन्फ्रेंस पिछले साल कोरोना महामारी के चलते रद्द कर दी गई थी। यह सम्मेलन ऐसे समय में होने जा रहा है जब पिछले नौ महीने से एलएसी पर चीन से टकराव के बाद अभी डिसइंगेजमेंट की प्रक्रिया शुरू हुई है। हालांकि अभी भी एलएसी के कई इलाकों गोगरा पोस्ट, हॉट स्प्रिंग, डेप्सांग प्लेन में दोनों देशों की सेनाओं में गतिरोध बरकरार है। 

हिन्दुस्थान समाचार
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