युगवार्ता

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दृढ़ इच्छाशक्ति की मिसाल

24/12/2019

दृढ़ इच्छाशक्ति की मिसाल

राम जी तिवारी

लेखा महानियंत्रक लेखा मामलों पर भारत सरकार का प्रमुख सलाहकार होता है। वह सरकार के स्वामित्व वाली कम्पनियों का आॅडिट भी करता है। साथ ही सीजीए केंद्र सरकार के खातों की तैयारी, प्रस्तुत करने, नियंत्रण और आंतरिक लेखा परीक्षा के लिए भी जिम्मेदार है।

जमीन से लेकर आसमान तक परचम लहराने वाली महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपने हुनर का लोहा मनवा रही हैं। बीते कुछ दशक पहले तक जहां महिलाएं अधिकतर घर-गृहस्थी तक जीवन जीने को अभिसप्त थीं। वहीं आजकल चाहे सेना हो एअरफोर्स, नेवी या आईएएस सभी महत्वपूर्ण पदों पर महिलाएं विराजमान हैं। उदाहरण के इस क्रम में एक और नया नाम जुड़ा है सोमा रॉय बर्मन का। वह 1986 बैच की भारतीय नागरिक लेखा सेवा (आईसीएएस) अधिकारी हैं। उन्होंने नए कार्यभार के रूप में महालेखा नियंत्रक का पदभार संभाला लिया है। बर्मन अकाउंट कंट्रोलर (सीजीए) की 24वीं लेखा महानियंत्रक बनी हैं। महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि इस सम्मानित पद को धारण करने वाली वह सातवीं महिला हैं। सोमा इससे पहले अतिरिक्त महालेखा नियंत्रक के पद पर थीं।
केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय ने इसकी जानकारी एक बयान जारी कर दी कि 1986 बैच की भारतीय सिविल लेखा सेवा अधिकारी सोमा रॉय बर्मन को नया महालेखा नियंत्रक (सीजीए) नियुक्त किया गया है। सोमा राय ने 1 दिसम्बर, 2019 से वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के लेखा महानियंत्रक (सीजीए) के रूप में कार्यभार ग्रहण कर महिलाओं के गौरवमयी इतिहास में एक और अध्याय जोड़ दिया। बता दें कि बर्मन दिल्ली विश्वविद्यालय से गणितीय सांख्यिकी में एम.फिल हैं। सोमा के पास विभिन्न विभागों में कार्य करने करने का 33 साल का लंबा अनुभव है। तीन दशक के लंब करियर में इनके पास गृह मंत्रालय, सूचना और प्रसारण, उद्योग, वित्त, मानव संसाधन विकास और नौवहन, सड़क परिवहन और राजमार्ग जैसे मंत्रालयों में विभिन्न पदों पर नेतृत्व वा कार्य करने का व्यापक अनुभव है।
इसके अलावा केंद्रीय पेंशन लेखा कार्यालय (सीपीएओ) के मुख्य नियंत्रक (पेंशन) और सरकारी लेखा और वित्त संस्थान (आईएनजीएएफ), नई दिल्ली में निदेशक के रूप में भी कार्य किया है। भारत सरकार में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भी महत्वपूर्ण विभागों को संभालने की जिम्मेदारी वह निभा चुकी हैं। जहां उन्होंने आर्थिक मामलों के विभाग (बजट प्रभाग) में उप सचिव/ निदेशक और गृह मंत्रालय के एनएटीजीआरआईडी के संयुक्त सचिव और वित्तीय सलाहकार के तौर पर अपनी सेवाएं दी हैं। साथ ही उन्होंने प्रतिनियुक्ति पर भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (सीजीए) के कार्यालय में निदेशक के रूप में भी अपने कार्यों से अपने सशक्त कार्यशैली का परिचय दिया है। यानी उनका करियर अनेक मंत्रालय और विभाग से संबंध रहा है। जहां कई तरह की चुनौतियों और कार्य निष्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर अपने दृढ़इच्छाशक्ति और व्यक्तित्व का परिचय दिया है।
यही नहीं सीजीए का प्रभार संभालने से पहले सोमा बर्मन ने लेखा नियम, नीति और सुधार, वित्तीय रिपोर्टिंग, डेटा विश्लेषिकी, नकद और बजट प्रबंधन के महत्वपूर्ण क्षेत्रों को संभालते हुए सीजीए कार्यालय में अतिरिक्त महानिदेशक के रूप में संतुलित कार्यशैली से एक नजीर स्थापित की है। यानी केंद्र सरकार में सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने के लिए कई विभाग और क्षेत्रों में व्यापक सुधारों के निर्माण में सक्रिय रही हैं। इससे स्पष्ट है कि नई भूमिका यानी लेखा महानियंत्रक के पद पर रहते हुए वह इस विभाग में भी सक्रियता और संतुलित कार्यशैली की एक नई रेखा खींचकर महिलाओं के नाम एक और गौरव जोड़ेंगी।


 
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