अरविंद राय

गुवाहाटी, 04 मार्च (हि.स.)। क्वीपो नामक तेल एवं गैस इंफ्रास्ट्रक्चर लि. कंपनी के 21 दिसम्बर, 2020 को अरुणाचल प्रदेश से अपहृत दो अभियंताओं की रिहाई पर फिर से प्रतिबंधित संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट आफ असम (उल्फा) स्वाधीन (स्व) ने रोक लगा दिया है। उल्फा (स्व) की ओर से मीडियों को जारी एक ई-मेल में प्रचार विभाग के स्वयंभू कैप्टन रूमेल असम ने यह जानकारी दी है।

ज्ञात हो कि उल्फा (स्व) के साथ रिहाई को लेकर चर्चा करने वाले मध्यस्थकार कौशिक फूकन ने गुरुवार को अपहृत अभियंता प्रणव गोगोई के घर पहुंचकर यह खुशखबरी दी थी कि दोनों अधिकारियों को उल्फा (स्व) ने रिहा कर दिया है। इससे लोगों में खुशी की लहर दौड़ गयी। इसी बीच उल्फा (स्व) की ओर से शाम को जारी ई-मेल में रिहाई पर पुनः रोक लगाये जाने की जानकारी दी गयी।

उल्फा (स्व) ने रिहाई पर रोक लगाने के पीछे कारण बताते हुए कहा है कि गुवाहाटी से संचालित एक डिजिटल मीडिया ने उल्फा (स्व) और उसके सेनाध्यक्ष परेश बरुवा की छवि को इस मामले में गलत तरीके से परिभाषित किया है। उल्फा (स्व) ने बकायदा डिजिटल मीडिया के दो पत्रकारों को नाम लेकर उनसे उल्फा (स्व) से माफी मांगने को कहा है। जब तक ऐसा नहीं किया जाता है, तब तक दोनों अभियंताओं की रिहाई अनिश्चितकाल के लिए रोक दी गयी है।

सूत्रों का कहना है कि दोनों अभियंताओं को उल्फा (स्व) ने रिहा कर दिया था लेकिन बाद में पुनः दोनों को अपनी कैद में ले लिया। उल्फा (स्व) के मध्यस्थकार कौशिक फूकन ने दोनों अधिकिरयों की रिहाई के लिए क्वीपो कंपनी और उल्फा (स्व) के बीच बातचीत कर मामले का एक समाधान ढूंढा था पर उल्फा (स्व) के फिर से इस मामले में रूख बदलने से दोनों अभियंताओं की रिहाई खटाई में पड़ गयी।

उल्लेखनीय है कि गुरुवार को उल्फा (स्व) के साथ मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे कौशिक फूकन ने दोनों कि रिहाई की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि एक-दो दिनों के अंदर दोनों अधिकारी अपने घर पहुंच जाएंगे। दोनों की रिहाई का मार्ग अपहरण के 74 दिनों के बाद सामने आया था।

उल्फा (स्व) ने 21 दिसम्बर, 2020 को अरुणाचल प्रदेश में काम कर रहे अभियंता प्रणव कुमार गोगोई (असम) और राम कुमार (बिहार) का अपहरण कर लिया था। दोनों अधिकारियों की रिहाई में उल्फा (स्व) के मध्यस्थता के रूप में कौशिक फूकन ने मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। कौशिक गुरुवार को प्रणव गोगोई के शिवसागर स्थित घर पहुंचकर उनके परिजनों को यह खुशखबरी दी थी।

कौशिक ने गोगोई के परिजनों को बताया कि उल्फा (स्व) ने प्रणव कुमार गोगोई और राम कुमार को रिहा कर दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि रिहाई के बदले किसी भी तरह के लेनदेन की बात नहीं हुई है। रिहाई को लेकर जो बातें सामने आ रही थींवे दुष्प्रचार हैं।

उन्होंने रिहाई के लिए उल्फा (स्व) के स्वयंभू सेनाध्यक्ष परेश बरुवा का आभार ज्ञापित भी किया था। उन्होंने कहा कि क्वीप प्रबंधन के साथ असमिया युवक-युवतियों को नौकरी देने के विषय पर चर्चा हुई थी। उल्फा (स्व) ने इसकी मांग की थी जिसे कंपनी ने मान लिया है।

दरअसल अपहरण के बाद उल्फा (स्व) की ओर से रिहाई के बदले मोटी रकम की मांग की थी। उल्फा (स्व) द्वारा तय समय सीमा के बीत जाने के बाद यह कयास लगाये जा रहे थे कि दोनों अधिकारियों की संभवतः उल्फा हत्या कर देगा। इसको लेकर राज्य के अनेक लोगों ने उल्फा (स्व) से दोनों को रिहा करने की मांग की थी। इसके बाद कौशिक फूकन ने रिहाई के लिए मध्यस्थता के लिए उल्फा (स्व) और सरकार तथा क्वीप के साथ बातचीत शुरू की थी।

उल्लेखनीय है कि उल्फा (स्व) ने 21 दिसम्बर, 2020 को अरुणाचल प्रदेश में काम कर रहे अभियंता प्रणव कुमार गोगोई (असम) और राम कुमार (बिहार) का अपहरण कर लिया था।

हिन्दुस्थान समाचार

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